गुरुग्राम : गुरुग्राम-5 अक्टूबर को सनातन हिंदू एकता पदयात्रा को सफल बनाने का आह्वान

रिपोर्टर इंडिया नाउ 24 सुरेंद्र गुरुग्राम
गुरुग्राम-5 अक्टूबर को सनातन हिंदू एकता पदयात्रा को सफल बनाने का आह्वान
श्री बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री के शिष्यों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी
श्री बागेश्वर बांके बिहारी मिलन ब्रज पदयात्रा के समर्थन में गुरुग्राम में आगामी 5 अक्टूबर को निकलने वाली सनातन हिंदू एकता पदयात्रा को लेकर गुरुग्राम के सेक्टर 4 हुड्डा जिमखाना क्लब में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया जिसमें गुरुग्राम के सनातनी हिंदुओं से पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल हो कर पदयात्रा सफल बनाने की अपील की गई। यह पदयात्रा 5 अक्टूबर को गुरुग्राम कर श्री कृष्ण मंदिर सेक्टर 10 ए से सुबह 10 बजे शुरू होगी। जो कादीपुर, पटौदी चौक, न्यू कॉलोनी मोड़, चिंतपूर्णी माता मंदिर, सेक्टर 5 हुड्डा ग्राउंड होते हुए शीतला माता मंदिर तक जाएगी। जिसमें बड़ी संख्या में साधु संतों समेत हजारों लोग शामिल होंगे। पदयात्रा का आयोजन अखंड भारत सेवा संघ ट्रस्ट एवं बागेश्वर धाम शिष्य मंडल गुरुग्राम की ओर से किया गया है। इस पदयात्रा में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के लोगों को आमंत्रित किया गया है।
यात्रा के संयोजक और श्री कृष्ण मंदिर सेक्टर 10 ए के पंडित गोपाल कौशिक ने बताया कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री छतरपुर दिल्ली से वृंदावन तक नवंबर में सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकाल रहे हैं। इसकी शुरुआत 7 नवंबर से होगी और यात्रा 17 नवंबर को मथुरा पहुंचकर समाप्त हो जाएगी। इसी पदयात्रा के समर्थन में श्री बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री के आह्वान पर गुरुग्राम में 5 अक्टूबर को पदयात्रा निकाली जा रही है। इस यात्रा के माध्यम से पूरे गुरुग्राम वासियों को नवंबर में दिल्ली से मथुरा तक निकलने वाली श्री बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया जाएगा।
वही अखंड भारत सेवा संघ ट्रस्ट के संस्थापक अजय यादव ने बताया कि 5 अक्टूबर को निकलने वाली पदयात्रा को लेकर शहर के विभिन्न स्थानों पर 10 स्वागत गेट बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस पदयात्रा का नेतृत्व स्वामी धर्मदेव जी महाराज, महंत राजू दास जी हनुमान गढ़ी, बाबा कालीदास, आचार्य लोकेश मुनि, महंत गुरु प्रसाद जी पिचौकरा धाम, रोहित रिछालिया वृंदावन करेंगे। पदयात्रा में शामिल होने के लिए विकलांगों और महिलाओं के आने जाने की विशेष व्यवस्था की गई है।



