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कड़ाके की ठंड में ठिठुरती जखनियां, अलाव सिर्फ कागज़ों में—हकीकत में जनता बेहाल

बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाजीपुर।

आज दिनांक।28/12/025को

कड़ाके की ठंड में ठिठुरती जखनियां, अलाव सिर्फ कागज़ों में—हकीकत में जनता बेहाल

शीतलहर ने रोका जनजीवन, बाजार-स्टेशन सूने; प्रशासन के दावे ज़मीनी सच्चाई से कोसों दूर

जखनियां (गाजीपुर)।कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने जखनियां क्षेत्र में आम जनमानस का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह और शाम के समय ठंड का प्रकोप इस कदर बढ़ गया कि लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा और आवश्यक कार्य से निकले लोग भी शाम ढलते ही घरों की राह पकड़ते नजर आए।ठंड बढ़ने के कारण सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और असहाय लोगों को उठानी पड़ रही है। ठिठुरन से बचने के लिए लोग जहां-तहां फटे बोरे, गत्ते, पुराने कपड़े और टायर जलाकर खुद को गर्म रखने का जुगाड़ करते दिखे। कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं भी सरकारी स्तर पर जलते अलाव नहीं दिखे।जखनियां रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर भी सन्नाटा पसरा रहा। यात्री ठंड से बचने के लिए इधर-उधर दुबके नजर आए, लेकिन राहत की कोई ठोस व्यवस्था दिखाई नहीं दी।वहीं इस पूरे मामले पर उप जिलाधिकारी अतुल कुमार ने दावा किया कि तहसील क्षेत्र के 18 सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिदिन शाम 5 बजे अलाव जलाए जा रहे हैं। उनके अनुसार जखनियां रेलवे स्टेशन के पीछे, बस स्टैंड, भुड़कुड़ा कोतवाली के पास, तहसील परिसर, दुल्लहपुर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड दुल्लहपुर, बुजुर्गा नसीरपुर, मनिहारी, हंसराजपुर जलालाबाद सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर अलाव जलाए जा रहे हैं।हालांकि ज़मीनी हकीकत प्रशासनिक दावों की पोल खोलती नजर आई, जहां ठंड से कांपती जनता को अलाव ढूंढे नहीं मिल रहे और राहत सिर्फ फाइलों तक सिमट कर रह गई है।

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