शीत लहर एवं कोहरे से बचाव हेतु आवश्यक सावधानियाँ

शीत लहर एवं कोहरे से बचाव हेतु आवश्यक सावधानियाँ
*सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य, कृषि एवं पशुपालन संबंधी एडवाइजरी*
शैलेंद्र कुमार द्विवेदी
इंडिया नाऊ २४
छत्तीसगढ़
*बलरामपुर,20 दिसम्बर 2025/*
शीत लहर एवं कोहरे के प्रभाव को देखते हुए आम नागरिकों, किसानों एवं पशुपालकों के लिए आवश्यक सावधानियाँ अपनाना अत्यंत जरूरी है।इसी उद्देश्य से जनहित में एडवाइजरी जारी किया गया है, ताकि सभी वर्ग आवश्यक सावधानियाँ अपनाकर स्वयं को सुरक्षित रख सकें और किसी भी प्रकार की जन-हानि से बचा जा सके।
*शीत लहर में क्या करें*
पर्याप्त मात्रा में गरम कपड़े रखें। ओढ़ने के लिए बहुपरत (कई परत) के कपड़े भी उपयोगी हैआपातकाल की आपूर्ति हेतु तैयार रहे । शीत लहर के दौरान यथासंभव घर के अंदर रहें, ठंडी हवा से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें ।सूखा रहें। यदि गीले हो जाएँ तो शरीर की गर्मी बचाने के लिए शीघ्रता से कपड़े बदलें ।निरंगुल दस्ताने को चुने। निरंगुल दस्ताने ठंड में ज्यादा गरम और ज्यादा अच्छा रक्षा कवच होता है।नियमित रूप से गरम पेय सेवन करें ।बुजुर्ग और बच्चों का ठीक से देखभाल करें ।ठंड में पाइप जम जाता है, इसलिए पेय जल का पर्याप्त संग्रहण करके रखें ।
उँगलियों, अंगुण्ठों के सफ़ेद होना या फीकापन, नाक के टिप में शीत दंश लक्षण प्रकट होते है । शीत दंश से प्रभावित क्षेत्रों को गर्म नहीं करें, गर्म पानी डालें
*हायपोथरमिया होने की स्थिति में अपनाए ये उपाय*
प्रभावित व्यक्ति को गरम स्थान पर ले जाकर उसके कपड़े बदले।
प्रभावित व्यक्ति को कंबल के बहू परत, कपड़े, टावेल या शीट से ढकें । शरीर को गरम करने के लिए गरम पेय दें।हालत बिगड़ने पर डॉक्टरी सलाह लें ।
*क्या न करें*
शराब का सेवन न करें, यह शरीर के तापमान को घटाता है। शीतदंश क्षेत्र की मालिश न करें। इससे अधिक नुकसान हो सकता है।कंपकंपी को नजरअंदाज न करें। यह एक महत्वपूर्ण पहला संकेत है कि शरीर गर्मी खो रहा है और प्रभावित व्यक्ति को तुरंत घर के अंदर करें।
*फसलों को बचाने के लिए क्या करे*
फसलों को ठंड से बचाने के लिए प्रकाश की व्यवस्था करें और बार-बार सिंचाई/स्प्रिंकलर सिंचाई करें।
बिना पके फलों के पौधों को सरकंडा/स्ट्रॉ/पॉलीथिन शीद्व/गनी बैग से ढक दें।केले के गुच्छों को छिद्र युक्त (सरंध्र) पॉलीथीन बैग से ढक दें।धान की नर्सरी में रात के समय नर्सरी क्यारियों को पॉलीथिन की चादर से ढक दें और सुबह हटा दें। शाम को नर्सरी क्यारियों की सिंचाई करें और सुबह पानी निकाल दें।सरसों, राजमा और चना जैसी संवेदनशील फसलों को पाले के हमले से बचाने के लिए, सल्फ्यूरिक एसिड @0.1% (1000 लीटर पानी में 1 लीटर H₂SO₄) या थियोरिया @ 500 पीपीएम (1000 लीटर पानी में 500 ग्राम थियोरिया) का छिड़काव करें।
यदि क्षेत्र शीत लहर से ग्रस्त है, तो इसका प्रभाव आश्रयों से खत्म करें / गली (बड़े पेड़ों के कतारों के बीच) फसलें उगाएं। फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में पौधों के प्रभावित हिस्सों की छंटाई करें। काटे गए पौधों पर तांबा कवकनाशी का छिड़काव करें और सिंचाई के साथ NPK दें ।
*क्या न करें*
ठंड के मौसम में मिट्टी में पोषक तत्व न डालें, खराब जड़ गतिविधि के कारण पौधे अवशोषित नहीं कर सकते हैं।खेत के मिट्टी की गुड़ाई ना करें,ढीली सतह निचली सतह से गर्मी के प्रवाहकत्व को कम कर देती है।
*पशु पालन के लिए क्या करें*
मवेशियों को रात के समय शेड के अंदर रखें और उन्हें सूखा बिस्तर लगाकर ठंड से बचाने के लिए प्रबंध करें।ठंड की स्थिति से निपटने के लिए, पशुओं को स्वस्थ रखने के लिए आहार में प्रोटीन स्तर और खनिजों को बढ़ाएं। जानवरों की ऊर्जा की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पशुओं को नियमित रूप से नमक के साथ खनिज मिश्रण और गेहूं के दाने, गुड़ आदि @ 10%-20% दैनिक आहार में दें।
पोल्ट्री में, पोल्ट्री शेड में कृत्रिम प्रकाश प्रदान करके चूजों को गर्म रखें।
*क्या ना करें*
सुबह के समय मवेशियों/बकरियों को चरने न दें।रात के समय पशु/बकरी को खुले में न रखें।
*कोहरे की स्थिति में दुर्घटना से बचाव के लिए जरूरी सावधानियाँ*
प्रदेश में कोहरा दो प्रकार से बनता है रेडिएशन फॉग, एडवेक्शन फाग इसके कारण क्षैतिज दृष्यता घट जाती है। कभी कभी दृष्यता 10m से भी कम हो सकता है। चूंकि इन दोनों प्रकार कोहरा बनने के कारण नमी में अचानक वृद्धि अथवा न्यूनतम तापमान में कमी हो जाना है। जिसके लिए आवश्यक सावधानी बरतना चाहिएअस्थमा से पीड़ित व्यक्ति घर से बाहर न निकले । यथा संभव चार पहिया वाहन चलाने से बचें। यदि अति आवश्यक हो तो पार्किंग लाइट और हैड लाइट चालू रखकर धीमी गति से वाहन का प्रयोग करें ।भारी वाहन को खड़ी करके पार्किंग लाइट चालू कर दें।
वाहन का प्रयोग सावधानी से धीमी गति में करें। साथ ही fog लैम्प और हैड लाइट को चालू रखें । चौक या क्रॉसिंग में लंबे हॉर्न बजाएँ ।
चश्मा में वाष्प द्रवीभूत हो जाता है जिसके कारण रोड में चलने में परेशानी होगी। इसलिए चश्मा पहनकर वाहन का प्रयोग बिलकुल न करें ।हेलमेट का front ग्लास निकालकर हेलमेट का इस्तेमाल कोहरे की स्थिति में करना चाहिए ।
घना कोहरे की स्थिति में रोड पर अपने साइड में किनारे चले। रोड क्रॉस करने की आवश्यकता हो तो अत्यंत सावधानी से करें ।
कोहरा का घनत्व एक समान नहीं रहता है। इसलिए अचानक घना कोहरा से सामना हो सकता है। इसलिए वाहन को नियंत्रित गति से ही चलाएं ।यदि साइकल का उपयोग कर रहे हो तो लाल रंग से प्रकाश युक्त टॉर्च के प्रयोग हैड लाइट की तरह करें ।साइकल का टेल लाइट/रिफ्लेक्टर को हमेशा ठीक हालत में रखें । पैदल घूमने वाले या पैदल यात्री फुट पाथ पर ही चलें ।



