ओम जी महाविद्यालय में स्व. सूर्यनाथ सिंह को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि,डॉ. मनोज सिंह ने कहा— पिता के संस्कार और आदर्श ही मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी

बेद प्रकाश पाण्डेय ब्यूरो चीफ गाज़ीपुर।
आज दिनांक।31/12/025को
ओम जी महाविद्यालय में स्व. सूर्यनाथ सिंह को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि,डॉ. मनोज सिंह ने कहा— पिता के संस्कार और आदर्श ही मेरे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी

जखनियां/गाजीपुर।31 दिसंबर 2021 को ओम जी ग्रुप के डायरेक्टर डॉ. मनोज सिंह के पूज्य पिता स्वर्गीय सूर्यनाथ सिंह के निधन की चतुर्थ पुण्यतिथि पर शुक्रवार को ओम जी महाविद्यालय, गौरा खास के प्रांगण में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वर्गीय सूर्यनाथ सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।कार्यक्रम में ओम जी महाविद्यालय के डायरेक्टर डॉ. मनोज सिंह ने अपने पिता के व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण करते हुए भावुक शब्दों में कहा,“मेरे पिता सूर्यनाथ सिंह नेकदिल, मिलनसार और उच्च आदर्शों वाले व्यक्ति थे। आज मैं जो कुछ भी हूं, वह उनके संस्कार, आशीर्वाद और दिखाए गए मार्ग का ही प्रतिफल है। उन्होंने जीवन में ईमानदारी, सेवा और संघर्ष का जो पाठ पढ़ाया, उसी को आत्मसात कर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहा हूं।”उन्होंने कहा कि पिता का सादा जीवन और उच्च विचार आज भी परिवार और समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी स्मृतियां सदैव मार्गदर्शन करती रहेंगी।इस अवसर पर स्वर्गीय सूर्यनाथ सिंह के छोटे पुत्र अमित सिंह एवं डॉ. मनोज सिंह के पुत्र ओम जी ने भी चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित अतिथियों एवं गणमान्य लोगों ने भी पुष्प अर्पित कर दिवंगत आत्मा को नमन किया।श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में प्रमुख रूप से जवाहर यादव, अजीत सिंह (काली), अजीत सिंह, कीर्ति वर्धन सिंह, मोनू अजीत सिंह, डॉ. राजेश पांडेय, राजेश दुबे, संजय सिंह, डॉ. विनोद पांडेय, अच्युतानंद पांडेय, टिंकू सिंह, मोनू सिंह, नवीन सिंह, राजू सिंह, विजय सिंह, चिंटू यादव, मिथिलेश सिंह, रमेश यादव, राजन सिंह, अंशु सिंह, डॉ. सुनील पांडेय, उमेश यादव सहित अनेक लोग शामिल रहे।इसके साथ ही महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण एवं कर्मचारियों द्वारा भी स्वर्गीय सूर्यनाथ सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के अंत में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।



