इंजेक्शन लगते ही बुझ गई जच्चा की सांसें, फातिमा अस्पताल में हंगामा,परिजनों का आरोप– नर्स ने लगाया गलत इंजेक्शन, पुलिस ने संभाला मामला

इंजेक्शन लगते ही बुझ गई जच्चा की सांसें, फातिमा अस्पताल में हंगामा,परिजनों का आरोप– नर्स ने लगाया गलत इंजेक्शन, पुलिस ने संभाला मामला

मऊ, 27 दिसम्बर 2025।मऊ जनपद स्थित फातिमा अस्पताल में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब इंजेक्शन लगते ही एक प्रसूता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। हंगामे में अन्य मरीजों के तीमारदार भी शामिल हो गए, जिससे अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
मृतका के पति विजय वर्मा, निवासी जखनियां, जनपद गाजीपुर ने रोते हुए बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी को चार दिन पूर्व सुरक्षित प्रसव के लिए फातिमा अस्पताल में भर्ती कराया था। ऑपरेशन सफल रहा था और जच्चा-बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ थे।
विजय वर्मा के अनुसार, “शुक्रवार दोपहर तक मेरी पत्नी बिल्कुल ठीक थी। वह मुझसे बात कर रही थी, बच्चे को गोद में लेने की बात कर रही थी। तभी एक नर्स आई और इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगते ही मेरी पत्नी ने घबराहट और सीने में दर्द की शिकायत की। मैं कुछ समझ पाता, उससे पहले ही उसकी हालत बिगड़ गई और देखते ही देखते उसकी सांसें थम गईं।”
पत्नी की मौत के बाद विजय वर्मा और उनके परिजन बदहवास हो गए। परिजनों का आरोप है कि नर्स द्वारा लगाया गया इंजेक्शन गलत था, जिसकी वजह से महिला की जान चली गई। घटना के बाद अस्पताल में चीख-पुकार मच गई और आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।स्थिति बिगड़ती देख अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे सरायलखन्सी थानाध्यक्ष ने परिजनों को समझा-बुझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। थानाध्यक्ष ने मृतका के पति को आश्वासन दिया कि यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, इस पूरे मामले में फातिमा अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। उल्लेखनीय है कि अस्पताल अपनी सख्त कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी चर्चा में रहा है। अस्पताल परिसर में बिना पास किसी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाती और मरीज के साथ केवल एक पासधारक को ही रुकने दिया जाता है, जिसको लेकर तीमारदारों में अक्सर नाराजगी देखी जाती है।
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है।



