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अमानत हड़पने का सनसनीखेज आरोप: दबंगई और धमकियों से टूटा परिवार,

अमानत हड़पने का सनसनीखेज आरोप: दबंगई और धमकियों से टूटा परिवार,

मानसिक प्रताड़ना में पिता की मौत

फतेहपुर | राधानगर थाना क्षेत्र से झकझोर देने वाला मामला फतेहपुर जनपद के राधानगर थाना क्षेत्र में एक दबंग व्यक्ति पर धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, जालसाजी, जान से मारने की धमकी और गंभीर मानसिक उत्पीड़न जैसे संगीन आरोप लगे हैं। आरोप है कि लंबे समय से चली आ रही प्रताड़ना और धमकियों के कारण पीड़ित के पिता की मानसिक कष्ट से मृत्यु तक हो गई, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस पुलिस कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़ित प्रमोद गुप्ता पुत्र स्व. कल्लू प्रसाद गुप्ता, निवासी राधानगर नई बस्ती, थाना राधानगर, जनपद फतेहपुर का कहना है कि उनकी बर्तन, कपड़े व घरेलू सामान की दुकान अभियुक्त राघवेन्द्र द्विवेदी पुत्र स्व. उमाकान्त द्विवेदी के मकान के बगल में स्थित है। अभियुक्त ने कथित रूप से दुकान की आड़ में एक सुनियोजित ठगी का जाल खड़ा कर रखा था। ग्राहकों की अमानत हड़पने का आरोप पीड़ित के अनुसार, आसपास के लोग अपने सोने-चांदी के आभूषण गिरवी रखने के लिए आते थे। अभियुक्त राघवेन्द्र द्विवेदी धोखे से उन ग्राहकों के आभूषण अपने पास रख लेता और बाद में उन्हें लौटाने से साफ इनकार कर देता। जब ग्राहकों ने अपने गहनों की मांग की तो उन्होंने पीड़ित प्रमोद गुप्ता को ही जिम्मेदार ठहराया और थाने में शिकायत की धमकी देने लगे।

पीड़ित का दावा है कि अभियुक्त के पास इस समय करीब 253 ग्राम सोना और लगभग 9.5 किलोग्राम चांदी ग्राहकों की अमानत के रूप में है , जिसे उसने हड़प लिया है।

धमकी, सौदेबाजी और हत्या की आशंका जब पीड़ित ने अभियुक्त से अमानत लौटाने की बात कही तो उसने कथित रूप से कहा_ सोना-चांदी महंगी हो गई है, अब कुछ वापस नहीं करूंगा। 25 प्रतिशत ले ले, सब मैनेज कर दूंगा… नहीं माना तो आत्महत्या करवा दूंगा या रास्ते में निपटा दूंगा।”इतना ही नहीं, अभियुक्त द्वारा पीड़ित पर 5 लाख रुपये का झूठा आरोप थोप दिया गया और दबंगई के बल पर पीड़ित को दुकान तक खोलने नहीं दिया जा रहा। फर्जी हलफनामा और आर्थिक तबाही पीड़ित का आरोप है कि अभियुक्त ने साजिश के तहत फर्जी हलफनामा तैयार करवा लिया जिसमें यह झूठ दर्शाया गया कि दुकान खोलने के लिए अभियुक्त से 10 लाख रुपये लिए गए, जबकि वास्तविकता में ऐसी कोई लेन-देन कभी हुई ही नहीं।

लगातार दबाव और प्रताड़ना से तंग आकर पीड़ित को 31 जून 2024 को अपना घर तक गिरवी रखना पड़ा ,और वह किसी तरह जीवन यापन कर रहा है।

मानसिक प्रताड़ना से पिता की मौत इस पूरे मामले ने तब और भयावह मोड़ ले लिया जब पीड़ित के पिता कल्लू प्रसाद गुप्ता की दिनांक 31 दिसंबर 2025 को मृत्यु हो गई। आरोप है कि वे लंबे समय से चल रही धमकियों, बदनामी और मानसिक तनाव को सहन नहीं कर पाए। पीड़ित के अनुसार, पिता के अंतिम शब्द थे— राघवेन्द्र द्विवेदी ने मुझे और मेरे बेटों को बर्बाद कर दिया।” प्रशासन की चुप्पी पर सवाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि पीड़ित द्वारा थाना राधानगर में कई बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या दबंगों को कानून का भय नहीं रहा, या फिर कहीं न कहीं संरक्षण मिल रहा है

न्याय की मांग

पीड़ित ने क्षेत्राधिकारी से मांग की है कि अभियुक्त राघवेन्द्र द्विवेदी के विरुद्ध धोखाधड़ी अमानत में खयानत जालसाजी जान से मारने की धमकी गंभीर मानसिक उत्पीड़न (जिसके कारण मृत्यु हुई)सहित अन्य सुसंगत धाराओं में तत्काल FIR दर्ज कराई जाए, ताकि पीड़ित परिवार और ठगे गए ग्राहकों को न्याय मिल सके।अब देखना यह है कि कानून जागता है या एक और परिवार यूँ ही दबंगई की भेंट चढ़ जाता है।

Balram Singh

India Now24

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