Breaking News करियर & जॉब देश बिज़नेस राजनीती राज्य होम

ग़ाज़ीपुर – सरकारी स्कूल का अध्यापक सरकार और सरकार की नीतियों का उड़ा रहा है मजाक India Now24

सरकारी स्कूल का अध्यापक सरकार और सरकार की नीतियों का उड़ा रहा है मजाक

ब्यूरो रिपोर्ट – विजय सहाय

धर्मागतपुर ग़ाज़ीपुर । सोशल मीडिया के शूरवीर प्रदीप प्रजापति द्वारा पिछले कई दिनों से  सरकार व सरकार की नीतियों का मजाक उड़ाया जा रहा है जिसमे बताया जा रहा है कि यदि फेका फांकी ही चल रही है तो 40-50 लाख करोड़ मेरी तरफ से भी……. तब हमारी निगाह इनकी दूसरी पोस्ट पर पड़ी जहा यह शिक्षक हो कर लिखते है की देश की बर्बादी में अहम् योगदान देश की मिडिया का है जब मीडिया का नाम आया तब हमने इनकी और सारी पोस्टें पढ़नी शुरू की अगली पोस्ट में भाई साहब ने लिखा कि अब झूठ बोलने पर पाप नहीं सीधा कोरोना हो जाता है जहां एक तरफ देश इतनी बड़ी महामारी से जूझ रहा है वहां एक शिक्षक इस तरह की गलतफहमियां सोशल मीडिया पर फैला रहा है शिक्षक को जहां लोगों को समझाना चाहिए वहां यह शिक्षक लोगों में गलतफहमियां फैला रहे हैं

बहरहाल, हम इस दावे की पुष्टि के हेतु निकल पड़े सडको की धुल फाकने। एक तो धूप ऊपर सूरज की तपिश भी हमारे मकसद से हमको भटका नही सकी। हमारा सफ़र पहले प्रदीप प्रजापति के प्रोफाइल पर जा रुका

जहां हमने देखा की बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के साथसाथ प्रदीप आईएमसी ग्रुप में भी कार्य करते हैं फिर हमारा माथा ठनका की एक सरकारी टीचर आईएमसी ग्रुप जैसे कंपनी में काम भी कर रहा है अब हम जा पहुंचे प्राथमिक विद्यालय धर्मागतपुर वहां पर काफी लोगों की भीड़ लगी हुई थी तब हमने देखा बाहर से आए श्रमिक वहां ठहराव के लिए रूके हुए थे तब में प्राथमिक विद्यालय धर्मागतपुर पर रुका और हमने आसपास के लोगों से तफ्तीश किया तो जानकारी निकल कर आई की आईएमसी ग्रुप में श्री प्रजापति ऊंची पोस्ट पर हैं और वहां मौजूद लोग यह स्पष्ट नहीं बता पाए की प्रदीप प्रजापति किस पोस्ट पर हैं फिर थोड़ी देर और बात करने के बाद यह पता चला कि प्रदीप प्रजापति आईएमसी ग्रुप को गाजीपुर में खड़ा करने वाले हैं उसी दौरान एक बुज़ुर्ग ने आँखों पर चढ़े चश्में को और ऊपर करके कहा कि “जिस व्यक्ति की बात आप कर रहे हैं मान्यवर, वह एक शिक्षक है और उनके पास पैसों की कमी नहीं है और रहा सवाल आईएमसी का तो आईएमसी से उनके अकाउंट में महीने का 50000 से 100000 तक की इनकम है” और अगर साहब की नौकरी चली भी गई तो उनको कोई फर्क नहीं पड़ता और वह तो लोगों से यह भी कहते हैं कि बहुत ही जल्द मैं नौकरी छोड़ दूंगा और किसी में दम हो तो मुझे सस्पेंड करा कर देख लो यहां का बेसिक शिक्षा अधिकारी और यहां के आला अधिकारी हमारे साथ चाय पीते हैं मेरा कुछ भी नहीं हो सकता ‌?? चाचा का तेवर थोडा बात करते हुवे सख्त लहजे का था। उनकी बातो के तरीके पर हमने गौर नही किया मगर उनके अल्फाजो का ख्याल किया।

उन्होंने कहा कि सुबह से 5 लोगन आकर पूछत हऊवन की प्रदीप कईसन आदमी हऊवन। अईसन लगत ब की कऊनो मेला लगल ब। अरे लोगन के खाए बदे दो गो रोटी का कमी पडत ब अउर लोगन इहा प्रदीप के बारे में पूछत हाउवा। त जा जै तोहके इहां भेजले ह ओसे जा के कह दा की प्रदीप आईएमसी ग्रुप में काम करेले।

खैर हमने हालात का जायजा लिया तो मामला समझ में आया कि प्रदीप आईएमसी तो करते हैं यह अलग बात लेकिन उस ग्रुप की मीटिंग प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में संपन्न में भी होती। फिर हमारे कानों को विश्वास नहीं हुआ की यह कैसे हो सकता है कि प्राथमिक विद्यालय के अंदर किसी प्राइवेट कंपनी की मीटिंग हो (फोटो मौजूद)।

तब हमको थोड़ा सा लीक से हटकर सवाल करने पर पता यह चला कि प्रदीप छुट्टियां भी ज्यादा लेते हैं शायद आईएमसी ग्रुप के काम से उनको बाहर भी जाना पड़ता है (फोटो मौजूद)

फिर हमने वहां पर पढ़ रहे बच्चों पर रुक किया तो पता चला की साहब पेड़ के नीचे टेबल लगाकर टेबल के ऊपर पैर रखकर आराम फरमाते हैं और लोगों से इनके व्यवहार अच्छे नहीं है और तो और स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के अभिभावक से साहब तमीज से पेश भी नहीं आते अभिभावक या किसी व्यक्ति के आने पर साहब का पैर नीचे नहीं होता साहब व्यक्ति से बात भी जूते से वी (V) बनाकर बात करते हैं बात करने पर यह भी पता चला कि जिन बच्चों को प्रदीप पढ़ाते हैं उन बच्चों का शैक्षिक स्तर संतोषजनक नहीं है

इसी दौरान हमारे एक अन्य सहयोगी जो सोशल मीडिया की पोस्ट खंगाल रहे थे उन्होंने बताया कि साहब के नजर में मीडिया का स्तर सरकार के तलवे चाटने का है (स्क्रीनशॉट संलग्न)

1 – काँग्रेसी बसें थीं, इसलिए लौटा दीं जनाब… काँग्रेसी विधायक होते तो करोड़ों में खरीद लेते… मोदी है तो मुमकिन है (स्क्रीनशॉट संलग्न)

2 – 1000 बस बोलकर 879 बसें भेजी वो गलत है… लेकिन 20 लाख करोड़ बोलकर 20 रुपये भी नही दिये… ये मास्टर स्ट्रोक है? (स्क्रीनशॉट संलग्न)

3 – देश की बर्बादी में अहम योगदान देश के मीडिया का है..??  (स्क्रीनशॉट संलग्न)

4 – सभी देशवासी सावधान रहे.. !! झूठ बोलने पर अब पाप नहीं सीधा कोरोना होता है यकीन ना हो तो छी न्यूज़ वालों से पूछ लो (स्क्रीनशॉट संलग्न)

5 – अगर आपको धर्म के नाम पर भड़काया जा सकता है। तो आप सच्चे हिंदू या सच्चे मुसलमान नहीं हैं। आप उस कुत्ते की भांति हो जिसे शेरुआ कहने पर लोगों को काटने दौड़ता है। (स्क्रीनशॉट संलग्न)

6 – सरकार अपने तलवे सेनेटाइज करना भूल गई थी ,इसलिए दलाल मीडिया कोरोना पॉजिटिव निकली ! छि न्यूज (स्क्रीनशॉट संलग्न)

7 – अंडभक्तों 70साल में पहली बार हुआ है कि गली गली दूध बेचने वालों को मारा जा रहा है, और शराब बेचने वाले को सिक्युरिटी दी जा रही है। !! है न अच्छे दिन !! (स्क्रीनशॉट संलग्न)

8 – ताज्जुब तो इस बात का है कि “गरीब” की “मदद” की उम्मीद उस इन्सान से कर रहे हैं, जिसने “गरीबो” को छिपाने के लिए दीवार खड़ी कर दी थी। (स्क्रीनशॉट संलग्न)

9 – अंडभक्तों उस हॉस्पिटल का नाम बताओ जिसको मोदी जी ने बनवाया हो और वहाँ कोरोना के मरीजों का इलाज हो रहा हो? (स्क्रीनशॉट संलग्न)

10 – जब मात्र 6सालों में देश की अर्थव्यवस्था रेलगाड़ी से बैल गाड़ी पर आ गई कही 70 साल दिया होता तो ये मानव से आदिमानव बना देता (स्क्रीनशॉट संलग्न)

11 – पूछता है भारत ? नवरत्न कंपनिया BSNL BHEL ONGC AIR INDIA HP HAL यह सब कंपनिया स्वदेशी और आत्मनिर्भर थी.उन्हें रोड पर कोन लाया ? (स्क्रीनशॉट संलग्न)

12 – विदेशी EVM का बहिष्कार करके, स्वदेशी बैलेट पेपर से चुनाव करवा कर #आत्मनिर्भर बनिये (स्क्रीनशॉट संलग्न)

13 – पूछना ये था कि जिस खाते में ₹ 15 लाख आये थे ये ₹20 लाख करोड़ ,उसी खाते में आयेंगे य़ा इसके लिए दूसरा खाता खुलवाना पड़ेगा ?? (स्क्रीनशॉट संलग्न)

14 – कोई बतायेगा EVM स्वदेशी है या विदेशी ?????? (स्क्रीनशॉट संलग्न)

15 – पूरी दुनियाँ घूमने और अरबों फूंकने के बाद पता चला कि भारत का वास्तविक विकास उसकी आत्मनिर्भरता में है (स्क्रीनशॉट संलग्न)

16 – जो बंदा खुद दूसरी पार्टी के विधायक तोड़कर सरकार बना लेता है वह लोगों को आत्मनिर्भर होने क़ा ज्ञान बाँट कर चला गया । (स्क्रीनशॉट संलग्न)

17 – सच लिख देता हूं तो लोग ऐसे बुरा मानते है जैसे 15 लाख देने का वादा हमने ही किया था । (स्क्रीनशॉट संलग्न)

 

18 – फेंका-फांकी ही चल रही है, तो 40-50 लाख करोड़ मेरी तरफ से भी…   (स्क्रीनशॉट संलग्न)

19 – मैं अपने हिस्से के 15 लाख पिछले वाले और 15 लाख आने वाले दोंनो को #Pm_Care में देने की घोषणा करता हूं। #मन की बात (स्क्रीनशॉट संलग्न)

20 – 15 लाख की टोपी कम थी किया जो 20 लाख करोड़ का पायजामा पकडा दिया वो भी बिना नाडे का अब भक्त दोनों हाथों से पकड़े इज्जत घूम रहे हैं (स्क्रीनशॉट संलग्न)

21 – जो ट्रैन के टिकट तक ब्लैक में बेच रहा है, वो कोई राहत पैकेज देने वाला है। सबको अंडभक्त समझ रखा है क्या बे? (स्क्रीनशॉट संलग्न)

22 – 15 लाख रुपए तो खाते में आ ही चुके है अब 20 लाख करोड़ रुपए आने बाकी हैं ससुरा ये जबरजस्ती अमीर बना के ही छोडे़गें जुमलेश्वर चाचा (स्क्रीनशॉट संलग्न)

23 – नशा शराब का हो या धर्म का… सरकार यही चाहती है कि आप हमेशा नशे में डूबे रहें। (स्क्रीनशॉट संलग्न)

24 – भगोड़ेलुटेरेकी_सरकार जब मजदूरों से ही ट्रेन किराया वसूलना था तो पीएम केयर फंड में अरबों रुपए क्यों डलवाया ? (स्क्रीनशॉट संलग्न)

यहां तक कि साहब ने फ्लो – फ्लो में आकर दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी को चू….. भी बोल दिया (स्क्रीनशॉट संलग्न)

और मोदी जी को जुमलेबाज (स्क्रीनशॉट संलग्न)

प्रदीप के नजर में कुर्सी गधे को मिल जाए तो यही होता है खुद भी परेशान दूसरे भी परेशान पर शायद शिक्षक साहब को यह भी नहीं पता जिस विद्यालय में साहब जिस पर बैठते हैं वह भी कुर्सी होती (स्क्रीनशॉट संलग्न)

हमारे द्वारा तुरंत मामले को संज्ञान में लेकर डीएम गाजीपुर, यूपी पुलिस, 112, गाजीपुर पुलिस, बेसिक शिक्षा अधिकारी गाजीपुर को ट्विटर के माध्यम से सूचना दें दी गई (स्क्रीनशॉट संलग्न)

परंतु किसी के तरफ से कोई जवाब नहीं मिला पर गाजीपुर पुलिस के तरफ से आईटी सेल गाजीपुर का नंबर दिया गया और सूचना देने की बात कही गई (स्क्रीनशॉट संलग्न)

व्हाट्सएप के जरिए आईटी सेल को पूरा मामला अवगत कराया गया (स्क्रीनशॉट संलग्न) आईटी सेल गाजीपुर को फोन पर पूरा मामला अवगत कराया गया (कॉल रिकॉर्डिंग सुरक्षित है)

व्हाट्सएप के जरिए बेसिक शिक्षा अधिकारी को पूरा मामला अवगत कराया गया I बेसिक शिक्षा अधिकारी को फोन पर पूरा मामला अवगत कराया गया (कॉल रिकॉर्डिंग सुरक्षित है)

व्हाट्सएप के जरिए एबीएसए जखनिया को पूरा मामला अवगत कराया जाए

खैर हमने हालात का जायजा लिया तो मामला समझ में आया कि प्रदीप एक शिक्षक के साथ-साथ राजनैतिक व्यक्ति भी है बड़े-बड़े लोगों के साथ उठना बैठना और नेताओं के साथ टहलना भी जिसके दम पर प्रदीप अपने साथ के शिक्षकों पर भी अपना रौब झाड़ते हैं इससे यह पता चलता है कि प्रदीप अपने फेसबुक को राजनैतिक रंग दे रहे हैं  इस संबंध में बतौर साक्ष्य स्कूल में हो रही ट्रेनिंग का फोटो भी संलग्न किया गया है जिससे यह प्रतीत होता है कि स्कूल में ट्रेनिंग और मीटिंग और आईएमसी ग्रुप के लोगों का आना जाना लगा रहता है

बहरहाल, मामले की सच्चाई क्या है ? क्यों एक अध्यापक इस तरीके की पोस्ट कर रहा है सोशल मीडिया पर अध्यापक वर्ग के लोगों को और खुद अपने आप को बदनाम कर रहा है सोशल मीडिया पर दिल्ली सांसद मनोज तिवारी को गाली दे रहा है इस बात की तरह तक हम जाएंगे आपको दिखाएंगे बेसिक शिक्षा अधिकारी गाजीपुर और डीएम गाजीपुर से भी इस मामले पर बात करेंगे और प्रदीप से भी बात करेंगे इस तरीके की पोस्ट प्रदीप को क्यों और किस लिए करनी पड़ती है

जब एक अध्यापक इस तरीके की मानसिकता सोशल मीडिया पर दिखाता है तो सवाल यह निकल कर आता है की अध्यापक बच्चों को क्या पढ़ाता होगा क्या संस्कार देता होगा हम प्रशासन से चाहेंगे की मामले की गहनता से जांच कर उच्च स्तरीय कार्यवाही करें और यदि कोई गाइडलाइन है कि सरकारी टीचर किसी प्राइवेट कंपनी में कार्य कर सकता है तो प्रदेश के बाकी सभी टीचरों को वह गाइडलाइन प्रदान कराई जाए ताकि वह भी कहीं प्राइवेट जॉब के लिए अप्लाई कर पाए