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हेली मंडी जाटोली टोडापुर में पानी का जबरदस्त संकट

हेली मंडी जाटोली टोडापुर में पानी का जबरदस्त संकट
बीते 40 घंटे से  हेली मंडी  क्षेत्र में  पानी की आपूर्ति ठप 
41 करोड़ की नहरी पेयजल योजना का हुआ था उद्घाटन 
अभी तक कम से कम 3 बार पानी के बिना 40 से 48 घंटे रहना पड़ा 

 

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

हेली मंडी।   धर्म-कर्म के आस्था और हिंदू संस्कृति के मुताबिक इस समय पुण्य का महीना कार्तिक माह चल रहा है।   अनेक महिलाएं कार्तिक महा में तड़के प्रातः स्नान करके विधिवत रूप से विभिन्न मंदिरों में जाकर के पूजा पाठ करती हैं।   हालात यह बने हुए हैं कि बीते 40 घंटे से हेली मंडी जाटोली टोडापुर में पीने के पानी का जबरदस्त संकट बना हुआ है ।  

पानी के संकट के समाधान के विकल्प के रूप में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के द्वारा कुछ ट्यूबवेल को बंद करने से लोगों की मांग पर रोक दिया गया था, कि यदि किन्ही कारणों से नहरी पानी यहां बने बूस्टर में नहीं आ पाता है तो कम से कम लोगों को अपनी जरूरत का पानी मिल तो जाएगा । ऐसे में सवाल यह है कि बीते 40 घंटे से हेली मंडी जाटोली टोडापुर क्षेत्र में पानी का संकट बना हुआ है और जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी अपनी मस्ती में ही मस्त हैं ।  अधिकारियों को भी रविवार को उस समय आभास हुआ जब उपभोक्ताओं के द्वारा पानी नहीं आने की अधिकारियों को उनके फोन पर शिकायत की गई ।
जलापूर्ति एवं अभियांत्रिकी विभाग  पटौदी स्थित कार्यालय में कार्यरत जे मनीष यादव ने तो पानी नहीं आने की बात पर हैरानी जाहिर की।   इससे पहले विभाग के एचडीई  नंदलाल को फोन किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं कीई  बाद में फोन वापस किया जाने पर जब उन्हें लोगों की समस्याओं के बारे में अवगत कराया गया तो , उन्होंने भी कहा कि गुड़गांव से कुछ तकनीकी परेशानी है ।   जिसकी वजह से पानी नहीं आ रहा है , लेकिन विकल्प के रूप में ट्यूबल नहीं चलाने जाने की बात पर उन्होंने जवाब दिया कि अभी संबंधित कर्मचारियों को बोलकर ट्यूबेल को चलाया जाता है।    विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केएनपी के पास 600 एमएम की मेल लाइन डैमेज हो गई है।    जिसके कारण से हेली मंडी क्षेत्र में पानी पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
 ऐसे में सवाल यह है कि पानी आम आदमी की मूलभूत जरूरत है और शनिवार दोपहर बाद से ही पानी की किल्लत हेली मंडी क्षेत्र में बनी हुई है।  जाटोली क्षेत्र के लोगों के द्वारा यह बताया गया कि जाटोली क्षेत्र में तो शनिवार को पानी ही नहीं आया।  कुछ लोगों ने जैसे-जैसे मोटर चला कर अपना काम चलाने के लिए पानी तो भर लिया लेकिन साथ में यह भी शिकायत की कि पानी में अजीब सी बदबू अथवा महक आ रही है ।  साथ ही पानी में अजीब से बुलबुले अथवा झाग भी बन जाते हैं ।   रविवार को दिन निकलते ही आम जनमानस के सामने फिर वही समस्या खड़ी हो गई थी, किस प्रकार से अपनी दिनचर्या आरंभ करें। स्नान करें मंदिर में पूजा पाठ के लिए जाएं। सबसे बड़ी समस्या कार्तिक स्नान करने वाली धर्म परायण महिलाओं के लिए हो गई । क्योंकि उन्हें नियमानुसार ताजा जल से स्नान करके और ताजा जल लेकर ही मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के लिए जाना होता है।
 लोगों में हैरानी है और साथ ही इस बात का गुस्सा और रोज भी है कि विभाग के अधिकारी मौका मुआयना करने के लिए पहुंचते ही नहीं है । लोगों के मुताबिक जब से हेली मंडी क्षेत्र में लगभग 41 करोड रुपए की लहरी पेयजल योजना का बूस्टर बना है , उसके बाद से आज तक अनेक स्थानों पर पेयजल सप्लाई के नए पाइप ही नहीं डाले जा सके हैं। कई साल तो ऐसे हैं जहां परऔर खतरनाक गहरे खड्डे तक बन गए कहीं पर पाइप लाइन में स्टोपर  पर नहीं लगाए गए अब स्थिति यह है कि विभाग के दावे के मुताबिक पानी बिना मोटर चलाई ही उपभोक्ताओं के यहां पहुंचना चाहिए,  लेकिन हकीकत इसके विपरीत है पानी खींचने की मोटर चला कर के भी लोगों को अपनी जरूरत का पानी नहीं मिल रहा है ।  ऐसे में दोहरी मार उपभोक्ताओं को पड़ रही है , क्योंकि एक तरफ तो पानी का बिल भरना होता है दूसरी तरफ मोटर चलाने पर बिजली का बिल भी अतिरिक्त आने लगा है ।  अनेक लोगों ने इस बात की भी शिकायत की है कि विभाग के द्वारा पेयजल आपूर्ति का जो समय तय किया गया है। अब लोगों को अपनी दिनचर्या उस समय के मुताबिक  डालनी पड़ रही है अथवा डालने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है ।
सुबह के समय 6:00 बजे से 7:30 और सायको भी इतने ही समय तक पानी की आपूर्ति बूस्टर से की जा रही है।   यह समय ऐसा है की सर्दी बढ़ने के साथ-साथ आम आदमी के लिए पानी की समस्या और भी गंभीर हो जाएगी ।  क्योंकि कुल मिलाकर के हेली मंडी क्षेत्र में पानी की आपूर्ति सुबह और शाम के समय औसतन एक घंटा ही की जा रही है।