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सैया कोतवाल तो डर काहे का

कोठी आबकारी
सैया कोतवाल तो डर काहे का
जी ये पुरानी कहावत है लेकिन कोठी के ढावा में बिल्कुल सूट करती है
आबकारी विभाग की खासी हो यारी,इसीलिए ढावा मालिक बना सराब व्यापारी

कोठी में किसी से भी पूछ लिया जाय कि विदेसी सराब कँहा मिलेगी तो जवाब-पाठक व मिश्रा ढावा
सतना जिले के कोठी तहसील अंतर्गत महीनों में पाठक ढावा से बिकती है अवैध रूप से अलग अलग तरह की देसी व विदेसी सराब साथ ही इन्ही के इशारे से कुछ और ढावा में भी की जाति है सराब लेकिन सोचने की बात है विभाग आता भी है लेकिन बैरंग क्यों लौटता है। किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही होती ।शाम होते ढावा की रौनक में बड़े बड़े फाइव स्टार अहाता कम लगेंगे आखिर इतनी आबकारी विभाग द्वारा उदारता क्यों।।।
माने तो बल की कमी या धन की नमी
रिपोर्ट-गीतेश साहू ऊँचेहरा
India now 24