Breaking News देश मनोरंजन राज्य होम

सनसिटी स्कूल में शुरू हुई तीन दिवसीय राष्ट्रीय वार्षिक विज्ञान प्रदर्शनी

सनसिटी स्कूल में शुरू हुई तीन दिवसीय राष्ट्रीय वार्षिक विज्ञान प्रदर्शनी

-देश भर से चयनित स्कूलों के विद्यार्थी प्रदर्शित कर रहे हैं अपनी प्रतिभा

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम: सेक्टर 54 स्थित सनसिटी स्कूल इस वर्ष केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शनी 2019-20 की मेजबानी कर रहा है। बृहस्पतिवार को शुरू हुए इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय विज्ञान प्रदर्शिनी के पहले दिन देश भर के 600 से अधिक स्कूलों से पहुंचे होनहार छात्रों ने अपना तकनीकी हुनर दिखाया। इस वर्ष के लिए प्रदर्शनी का विषय जल संरक्षण के साथ-साथ सतत विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी की भूमिका है। प्रदर्शनी का उदघाटन सीबीएसई की चेयरमैन श्रीमति अनीता करवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्रों को एक मंच देना है जहां वो अपने नए-नए आइडिया को प्रदर्शित कर सकें। बड़े पैमाने पर आयोजित ऐसे प्रदर्शनी के जरिए हिस्सा ले रहे प्रतिभागियों को एक-दूसरे से नए विचारों के आदान-प्रदान का भी अवसर मिलता  है।

तीन दिवसीय प्रदर्शनी का आयोजन सनसिटी स्कूल में करने के लिए स्कूल की निदेशिका रूपा चक्रवर्ती ने सीबीएसई की चेयरमैन श्रीमति अनीता करवाल का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि यह दौर तकनीक का है। जहां हर-पल हर समय कुछ न कुछ बदलाव हो रहा हो वहाँ हम सिर्फ टीचिंग कंटेन्ट के भरोसे नहीं रह सकते। जब समाज में बदलाव हो रहा है तो शिक्षा एवं शिक्षण पद्धति में भी बदलाव लाना स्वाभाविक है। शिक्षा का उद्देश्य समाज में वृहत प्रभाव लाना है और बदलते समाज के हिसाब से इसकी पद्धति में बदलाव लाना भी जरूरी है।

प्रदर्शनी के पहले दिन प्रतिभागियों ने मुख्य थीम के साथ साथ आयोजन के केंद्र में रखे गए सब-थीम सतत कृषि प्रथाओं, स्वच्छता और स्वास्थ्य, संसाधन प्रबंधन, औद्योगिक विकास, भविष्य के परिवहन और संचार, शैक्षिक खेल जैसे विषयों पर भी अपनी परियोजनाओं का प्रदर्शन किया। रूपा चक्रवर्ती ने बताया कि ऐसे आयोजनों से न सिर्फ प्रतिभागी छात्रों को लाभ होता है बल्कि प्रदर्शनी में पहुँचने वाले आगंतुकों का भी ज्ञानवर्धन होता है।

सनसिटी स्कूल बच्चों में नवीन विचार, रचनात्मकता और कल्पनाशीलता को विकसित करने पर ज़ोर देता है। विज्ञान को पाठ्यपुस्तकों, पाठ्यक्रम और कक्षा के इतर भी बच्चों में इसकी जरूरी समझ विकसित करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन करवाता है। ताकि, बच्चे पर्यावरणीय समस्याओं से अवगत हों और समाधान के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकें।