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शतरंज पर कोरोना वायरस का सकारात्मक असर, अन्य खेल ठप पड़े

शतरंज पर कोरोना वायरस का सकारात्मक असर, अन्य खेल ठप पड़े
चेकमेट कोरोना वायरस : एक ऑनलाइन इंटरनेशनल पहल लॉन्च
कोरोना वायरस शतरंज के लिये लाभदायक,
वल्र्ड चेस फेडरेशन विश्व भर में ऑनलाइन करवा रहा चेकमेट कोरोना वायरस शतरंज स्पर्धा,
कोरोना वायरस ने बिछाई शतरंज की ऑनलाइन बिसात,
टेक्नालॉजी की बदौलत शतरंज हो रहा ऑनलाइन आयोजित,
भारत के सवा लाख से अधिक खिलाड़ी करवा चूके है ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन,
ड्रा के माध्यम से निकाले जाएंगे विजेताओं के नाम,
लगातार 720 घंटे में होगे 1500 से अधिक ऑनलाइन टूर्नामेंट,

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम। विश्वव्यापी समुदाय को कोरोना वायरस महामारी के साथ एक अभूतपूर्व संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में जब कोरोना वायरस महामारी के चलते दूनिया भर में खेल गतिविधियां ठप पड़ी है, तो शतरंज एक ऐसा खेल है जो टेक्नालॉजी की बदौलत ऑनलाइन आयोजित हो रहा है और ऑनलाइन टूर्नामेन्ट ने खिलाडिय़ों को व्यस्त रखा हुआ है। कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन शतरंज टूर्नामेन्ट की संया में एतिहासिक बढोतरी हुई है। तो वहीं, अन्य खेलों के खिलाडिय़ो पर लॉकडाउन का बूरा असर पड़ा और वह अपने खेल का ठीक से अयास तक नहीं कर पाए। कोरोना वायरस के कारण नेशनल ओलंपिक खेल अब अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दिए गए है। ये खेल इस साल 20 अक्टुबर से 4 नवंबर के बीच गोवा में होने थे।
कोरोना वायरस के चलते जहां सभी देश इसकी चपेट में आकर मानसिक, आर्थिक परेशानियां झेल रहे हैं तो वहीं वल्र्ड चेस फेडरेशन ने लोगों को मानसिक परेशानी से निजात दिलाने के लिए पूरे विश्व को एक मंच पर लाकर खड़ा कर दिया है। इसके तहत विश्व भर की ऑनलाइन शतरंज स्पर्धाएं करवाई जा रही हैं जो बिना रूके 720 घंटे यानि 30 दिन लगातार चलेगी। खिलाडिय़ों को ऑनलाइन शतरंज खेलना ज्यादा पसन्द है क्योकि इससे वो काफी रिलैक्स महसूस करते है। कई खिलाडिय़ो ने तो कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिये कोष भी इक्टठा किया।

हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) के प्रदेश महासचिव कुलदीप का मानना है कि शतरंज लोगों को बीमारी से लडऩे के लिए प्रेरित करता है तथा शतरंज को खेलने से मानसिक शक्ति बढती है। विश्व भर से लाखों लोगों का इस स्पर्धा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना यह साबित करता है कि शतंरज किसी भी बीमारी से लडऩे के लिए मजबूती प्रदान करता है। अकेले हरियाणा प्रदेश से लॉकडाउन के दौरान हजारों खिलाड़ी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। लगातार 720 घंटे चलने वाली इस स्पर्धा में 1500 से ज्यादा टूर्नामेंट करवाए जांएगे तथा जो खिलाड़ी सबसे ज्यादा स्कोर करेंगे उन्हें ओलंपिक सिद्धांत के अनुसार प्रमुख पुरूस्कार 2021 शतरंज ओलंपियाड का आयोजन कर मास्को में विजेताओं को समानित किया जाएगा। 2021 में यह तीसरा मौका होगा जब मास्को में इंटरनेशनल शतरंज ओलंपियाड का आयोजन किया जाएगा। इसकी पूरी जानकारी एचसीए की वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट इंडियनचेस डॉट ओआरजी पर देखी जा सकती हैं।

हम सुरक्षित रहते हैं, हम रचनात्मक रहते हैं तथा हम ऑनलाइन शतरंज खेलते हैं
इस नारे के साथ वल्र्ड चेस फेडरेशन विश्वव भर में ऑनलाइन शतरंज स्पर्धाएं करवा रही हैं। इसके तहत सबसे अधिक फायदा उन लोगों को हो रहा है जो शतरंज खेलते थे तथा कोरोना वायरस की वजह से टूर्नामेंट नहीं होने के चलते भाग नहीं ले पा रहे थे। वल्र्ड चेस फेडरेशन की तरफ से जब इस टूर्नामेंट का अनाउसमेंट किया गया तो हरियाणा शतरंज एसोसिएशन (एचसीए) के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने इसे बेहतर मौका बताया। उन्होंने कहा कि चेस स्पर्धा को पूरी तरह से ऑनलाइन करने के लिए वो दिन रात लगे हुए थे लेकिन अभी तक उतनी सफलता नहीं मिली थी जो सफलता अब शतरंज को कोरोना वायरस ने इतने कम समय में दिलवा दी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस बेशक इंसानों के लिए जानलेवा है लेकिन शतरंज के लिए यह संजीवनी बूटी बनकर आया है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन स्पर्धा में पहले के मुकाबले अब अधिक खिलाड़ी रूची ले रहे हैं।

अपनी प्रतिभा को पहचान पाएंगे खिलाड़ी
अभी तक शतरंज की बिसात टेबल पर सजती तथा इसमें शहर के खिलाड़ी या दूसरे जिले के खिलाड़ी एक दूसरे के साथ आमने सामने बैठकर मैच खेलते थे। अब सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखते हुए शतरंज का खेल विश्व भर में ऑनलाइन खेला जा रहा है। जिसमें सोशल डिस्टेंस की दूरी दो गज नहीं बल्कि लाखों किलोमीटर की हो गई है। क्योंकि ऑनलाइन खेल में विश्व भर से खिलाड़ी भाग ले रहे हैं तथा कौन खिलाड़ी किस देश के खिलाड़ी के साथ खेलेगा तथा उनके बीच दूरी कितनी होगी इस बारे में आइडिया भी नहीं लगाया जा सकता।

ऑनलाइन नहीं होता तो भाषा बनती समस्या
विश्व भर में ऑनलाइन खेला जा रहा शतरंज अगर ऑनलाइन की बजाए ऑफलाइन खेला जाता तो इतने खिलाड़ी भाग ले पाना नामुमकिन थे क्योंकि इसके लिए किसी एक देश का चयन करना पड़ता तथा वहां पर खिलाड़ी अपने खर्चे पर नहीं पहुंच पाते लेकिन ऑनलाइन शतरंज स्पर्धा में सिर्फ मोबाइल या कंप्यूटर पर खेलना है तथा देश विदेश के खिलाडिय़ों के साथ अपनी प्रतिभा दर्शानी है।

पता चलेगा खिलाडिय़ों को कितना सीखने की आवश्यकता
ऑनलाइन खेल जा रहे शतरंज का सबसे बड़ा फायदा उन खिलाडिय़ों को हो रहा है जो या तो इस खेल में नए हैं या फिर थोड़ा बहुत खेलना आता है। एचसीए के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने बताया कि ऑनलाइन खेलने से खिलाडिय़ों को यह पता चल रहा है कि उन्हें अभी तक कितना खेल आ चुका है तथा उन्हें कितनी अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। इसके साथ साथ खिलाडिय़ों को उन चाल के बारे में भी पता चल रहा है जिनका प्रयोग वो अभी तक नहीं कर पाए थे।

24 घंटे लगातार चल रहा शतरंज का खेल
वल्र्ड चेस फेडरेशन द्वारा करवाई जा रही ऑनलाइन चेस स्पर्धा का नाम चेकमेट कोरोनावायरस दिया गया है। यह स्पर्धा 24 घंटे लगातार ऑनलाइन चल रही है। एचसीए के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने बताया कि एक टूर्नामेंट एक घंटे का होता है ओर ज्यादा से ज्यादा छह घंटे का होता है। इसमें खिलाड़ी अपनी सुविधा अनुसार खेलने का समय तय कर सकता है। यह टूर्नामेंट 24 घंटे इसलिए चल रहा है क्योंकि हर देश की टाइमिंग में दूसरे देशों की टाइमिंग से अंतर है। किसी देश में जब रात होती है तो किसी देश में सुबह होती है। इसलिए इस खेल को लगातार 720 घंटे बिना रूके खेला जायेगा।

इस प्रकार कर सकते हैं फ्री रजिस्ट्रेशन
अभी तक जो खिलाड़ी शतरंज के इस टूर्नामेंट के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाए हैं वो बिल्कुल आसान तरीके से अपना फ्री रजिस्ट्रेशन कर इस स्पर्धा में भाग ले सकते है। एचसीए के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने बताया कि इसके लिए खिलाडिय़ों को डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट इंडियनचेस डॉट ओआरजी पर जाकर ऑनलाइन टूर्नामेंट लिंक पर क्लिक करना होगा। इसके बाद अपना नया यूजर नेम व पासवर्ड, ईमेल भरकर अपनी आइडी बनानी होगी।

मैच खत्म होते ही होगा मैच का विश्लेषण
एचसीए के प्रदेश महासचिव कुलदीप ने बताया कि जब तक शतरंज का खेल ऑनलाइन नहीं खेला जाता था तो खेल समाप्त होने के बाद यह तय कर पाना मुश्किल होता था कि खिलाड़ीने कौन सी गलती की। लेकिन जब से ऑनलाइन खेल शुरू हुआ है इसका विश्लेषण करना बेहद आसान हो गया है। उन्होंने बताया कि जब मैच समाप्त होता है तो उसके बाद उस मैच का विश्लेषण देखने का ऑप्शन खिलाडिय़ों के पास आता है तथा पूरा मैच उसमें दिखाया जाता है। इतना ही नहीं कंप्यूटर खिलाड़ी को गलती निकाल कर दिखाएगा कि उन्होंने कौन कौन सी चाल गलत चली तथा उसके बदले वो कौन सी बेहतर चाल चल सकते थे। इससे खिलाडिय़ों के खेल का स्तर बढेगा।

कोच, अंपायर की जरूरत नही होती
ऑनलाइन शतरंज खेल स्पर्धा का सबसे अच्छा फायदा यह हो रहा है इस पर एक भी पैसा खर्च नहीं हो रहा है तथा ना ही खिलाडिय़ों को कोचिंग लेनी पड़ रही है और ना ही किसी कोच, अंपायर की जरूरत है।

यूरोप के 19 नेशनल शतरंज महासंघ जुड़े
वल्र्ड चेस फेडरेशन द्वारा करवाई जा रही ऑनलाइन स्पर्धा में एशिया महाद्वीप से भारत के अलावा यूरोप के कोलंबिया, डेनमार्क, इथीपिया, फिनलैंड, ग्रीस, जापान, मंगोलिया, सोमानिया, साउथ अफ्रिका, वेनेजुएला, सहित विश्व के अन्य देशों के खिलाड़ी भाग ले रहे है।

शतरंज स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल हो
एचसीए ने स्वस्थ, उज्जवल, नवीन और सुरक्षित शतरंज की स्थापना मिशन के तहत गुजरात, तमिलनाडू व गोवा की तरह हरियाणा में शतरंज को स्कूली पाठ्यक्रम में विषय के रूप में शामिल करने पर बल दिया।

शतरंज के लिए ली भीष्म प्रतिज्ञा
एचसीए के प्रदेश महासचिव कुलदीप के मुताबिक उन्होंने शतरंज के लिए भीष्म प्रतिज्ञा ली है, जीवनभर विवाह नहीं करेंगे ताकि आजीवन अविवाहित रह कर जीवनभर शतरंज की सेवा व रक्षा करता रहु और इसके सिवा मेरे जीवन का कोई ओर लक्ष्य नही होगा। उन्होंने अपना पूरा जीवन शतरंज को समर्पित करने का फैसला किया हुआ है। उनका लक्ष्य है हरियाणा में एक स्वस्थ, उज्ज्वल, नवीन और सुरक्षित शतरंज की स्थापना हो।