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विभिन्न आर डब्लू ए संगठनों ने भारत फर्स्ट संस्था के साथ गलवान के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

विभिन्न आर डब्लू ए संगठनों ने भारत फर्स्ट संस्था के साथ गलवान के शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

1962 भारत चीन युद्ध के वीर चक्र विजेता कर्नल श्री धर्मचंद ढिल्लों रहें मुख्य अतिथि।
सम्मिलित आर डब्लू ए पदाधिकारियों ने लिया चीनी सामान के पूर्ण बहिष्कार की शपथ। चीनी राष्ट्रपति का सांकेतिक पुतला जलाकर चीनी विस्तारवादी नीति की आलोचना करी।

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24
गुरुग्राम।  गलवान में चीनी सैनिकों द्वारा किये गए कायरतापूर्ण हमले में बलिदान हुए भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए सभा सेक्टर 55-56-57 के विभिन्न आर डब्लू संगठनों के फोरम ने सेक्टर 56 कम्युनिटी सेंटर से हुडा मार्किट तक एक मोमबत्ती मार्च निकाला। सेक्टर 56 में ॐ का उच्चारण कर व बाद में मौन रहकर बलिदानी सैनिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सबने एक स्वर में शहीद के परिवारों के साथ खड़े रहने का निर्णय लिया। कोरोना के 2 गज दूरी का पालन करते हुए इस छोटे किंतु महत्वपूर्ण कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण 1962 युद्ध के वीर चक्र विजेता सेवानिवृत कर्नल श्री धर्मचंद ढिल्लों जी रहे जिन्होंने बताया कि कैसे उनकी टुकड़ी ने सम्बंधित पोस्ट पर चीनियों को मार मारकर खदेड़ा था जिसके लिए उन्हें विशिष्ट सम्मान वीर चक्र से नवाजा गया। भारत फर्स्ट संस्था के संस्थापक श्री मनीष शांडिल्य के साथ सभी उपस्थित आर डब्लू ए ने पदाधिकारियों ने चीनी सामान के पूर्ण बहिष्कार की शपथ ली और प्रण किया कि हम अधिक से अधिक स्वदेशी सामान का प्रयोग करेंगे व चीनी सामान का तो भूलकर भी जीवन में कभी प्रयोग नहीं करेंगे। भारत फर्स्ट संस्था के सह संस्थापक कर्नल रवि दहिया जी ने कहा कि हमें व्यापक स्तर पर यह मुहिम चलाकर अपने अपने रेसीडेंट्स को भी चीनी सामान का बहिष्कार करने के लिए उत्साहित करना है। मनीष शांडिल्य ने आगे कहा कि इसके लिए व्यापक तौर पर ई पिटीशन बनाकर राज्य और केंद्र सरकार को भेजी जाएगी।
इस कार्यक्रम में आसपास की विभिन्न आर डब्लू के सम्मानीय प्रधानों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से कर्नल रवि प्रकाश दहिया, श्री सुरेंद्र वर्मा, डॉ दलबीर सिंह, कर्नल रविंदर कटारिया, श्री हरीश यादव, श्री महेंद्र जी, श्री अनिल जी, श्री संतोष जी, श्री जे पी सिंह, कर्नल पठानिया, मेजर श्री खुशी चंद जी व अन्य आर डब्लू ए वरिष्ठ पदाधिकारीगण शामिल हुए।