Breaking News देश राज्य होम

लखीमपुर खीरी – जनपद लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश के सरजू सहकारी चीनी मिल के चीफ इंजीनियर पर लगे भृष्टाचार के आरोप।

जनपद लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश के सरजू सहकारी चीनी मिल के चीफ इंजीनियर पर लगे भृष्टाचार के आरोप।

जसवन्त कुमार वर्मा, लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश।

मिल के पूर्व संचालक ने चीफ इंजीनियर के ऊपर लगाए भृष्टाचार के आरोप उन आरोपों की जांच मिल के जीएम व प्रबन्ध निदेशक से करने की मांग की है।

क्षेत्र की लाइफ लाइन कही जाने वाली सरजू सहकारी चीनी मिल बेलरायां पहले से ही हजारों करोड़ के घाटे से जूझ रही थी जिसे उबारने के लिए शासन स्तर से पीसीएस अधिकारी को मिल की कमान सौंपी गई जिससे क्षेत्र के किसानों में खुशी देखी गई और पीसीएस जीएम शुशील कुमार गोंड किसानों की उम्मीदों पर खरे उतरते हुए मिल को जादुई आंकड़े से उबारा और रिकवरी भी बढ़ाई लेकिन मिल के चीफ इंजीनियर वीरेंद्र सिंह ने जीएम व किसानों के मंसूबों पर पानी फेरते हुए अपनी कार्यशैली की बदौलत क्षेत्र में काफी चर्चित रहे जिसे संज्ञान में लेते हुए मिल के पूर्व संचालक वीरेन्द्र वर्मा ने प्रबन्ध निदेशक व मिल के जीएम को पत्र के माध्यम से अवगत कराते हुए मिल के चीफ इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह पर भृष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच कराने की मांग की है,वीरेन्द्र वर्मा ने बताया कि चीफ इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह मिल में काम कर रहे ठेकेदारों से 10 प्रतिशत कमीशन तथा मुर्गा,दारू और गोल्डफ्लैग सिगरेट की मांग करते हैं साथ ही 18,लाख की इलेक्ट्रोड के ऑर्डर किये वो उनका खास आदमी है जिसमें आधे इलेक्ट्रोड ओरिजनल तथा आधे डुप्लीकेट हैं डुप्लीकेट इलेक्ट्रोड से मिल तथा रोलों पर किए गए कार्यों का प्रभाव पड़ा था मिल सीजन के दौरान आगे भी पड़ेगा। साथ ही सप्लायरों से भी चीफ इंजीनियर मोटी रकम लेते हैं।गत वर्ष ब्वायलर पर फर्जी बिल कराकर ठेकेदार से वशूली कर रहे हैं।इसके साथ ही खुरपा, फावड़ा, हसिया, हथौड़ी,इमामदस्ते सहित तमाम उपकरण जीएम साहब के नाम पर बनवाकर अपने आवास पर ले जाते हैं।जीएम को गुमराह करते हुए ठेकेदार से मिलकर स्क्रेप के साथ पीतल और कॉपर को भी बेच दिया जिससे मिल को भारी नुकसान हुआ और रिपेयर मेंटिनेंस के एक चहेते ठेकेदार से मिलीभगत कर एक लाख के स्थान पर दो लाख का बिल बनवाते हैं।चीफ इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप लगाते हुए पूर्व मिल संचालक वीरेंद्र वर्मा ने जांच कराने की मांग की है उन्होंने बताया कि चीफ इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह की भर्स्ट कार्यशैली के चलते मिल में कार्य सन्तोषजनक न होने से मिल का सही व सुचारू रूप से चलना सम्भव नही है जिसका सीधा असर किसानों पर पड़ेगा और उन्होंने बताया कि पीसीएस जीएम शुशील कुमार गोंड की मेहनत को चीफ इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह बर्बाद करते हुए चीनी मिल के भविष्य को खत्म कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि बहुत जल्द किसानों का एक दल सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व प्रबन्ध निदेशक से मिलकर चीफ इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह के भृष्टाचार व आय से अधिक सम्पति जुटाने के बारे में अवगत कराकर जांच की मांग करेंगे।जबकि चीफ इंजीनियर वीरेन्द्र सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है।