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रेणुकूट-नौकरशाही आज कितनी निरंकुश और बेलगाम हो गई है

रेणुकूट। नौकरशाही आज कितनी निरंकुश और बेलगाम हो गई है

मुकेश कुमार चंद्रवंशी
डिस्टिक रिपोर्टर
इडिंया नाऊ 24
रेणुकूट सोनभद

रेणुकूट सोनभद-: इसकी बानगी देखना हो तो जनपद के पिपरी स्थित सिंचाई विभाग के रिहन्द खंड में आइए जहां संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। पिपरी निवासी गुरुकृपा ट्रस्ट के संचालक व समाजसेवी प्रवीण चन्द्र पांडेय ने जनपद के अपर जिलाधिकारी को पत्र भेजकर नौकरशाही की मनमानी एवं भ्रष्टाचार की शिकायत एक बार फिर से की है। अपर जिलाधिकारी को भेजे पत्र में प्रवीण चन्द्र पांडेय ने लिखा है कि पिपरी निवासी संविदाकार हीरालाल ने रिहंद बांध सिविल खंड में वर्ष 2012 में कुछ कार्य कराए थे पर सब कुछ ठीक हो जाने के बावजूद भी विभागीय अधिकारियों ने कतिपय कारणों से संविदाकार का भुगतान नहीं किया। मजबूर होकर संविदाकार को वर्ष 2016 में माननीय न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय ने लगभग 1 वर्ष बाद वर्ष 2017 में 30 दिनों के अंदर मय ब्याज भुगतान का आदेश भी दिया। कोर्ट के आदेश के बावजूद संविदाकार का भुगतान नहीं हुआ जिससे वह पैसों की कमी के चलते 2017 में ही चल बसा। संविदाकार हीरालाल की मृत्यु के बाद उनके पुत्र संतोष विभाग का चक्कर लगाने लगे मगर नौकरशाही के आगे उनकी एक नहीं चली और भुगतान फिर भी नहीं हुआ। कुछ माह पूर्व जब वह वर्तमान अधिशासी अभियंता पंकजपाणी शुक्ला से मिले तब उन्होंने कहा कि जाकर विभाग के सहायक अभियंता अजय पांडेय से मिलो तुम्हारा भुगतान हो जाएगा। इस संबंध में जब वह सहायक अभियंता से मिला तो उसका आरोप है कि उससे 15 फ़ीसदी कमीशन की मांग की गई यह सुनते ही संतोष ने बताया कि उसके घर खाने के लाले पड़े हैं तो वह कमीशन का भुगतान कैसे करेगा। इस पर सहायक अभियंता ने कहा कि तुम्हारा भुगतान बिना ब्याज के दो किस्त में कर दिया जाएगा, पहले किस्त के भुगतान के बाद कमीशन मिलने पर दूसरे किस्त का भुगतान कर दिया जाएगा और इसके एवज में यह भी लिखकर देना पड़ेगा कि उसके पास विभाग का कोई बकाया नहीं है। समाजसेवी प्रवीण चन्द्र पांडेय का कहना है कि उक्त दोनों अधिकारियों की भ्रष्टाचार की जांच शासन स्तर पर अभी भी लंबित है उनके कार्यों की वजह से तमाम संविदाकारों को परेशानी हो रही है इसके बावजूद उनका स्थानांतरण या इन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने जनहित में तत्काल उक्त दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में जब सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पंकजपाणी शुक्ला से बात की गई तो उन्होंने कहा कि संविदाकार की मृत्यु के बाद कुछ औपचारिकताएं पूरी नहीं की गई थी जिसे उनके परिजनों ने पूरा करके कुछ दिनों पूर्व ही दे दिया है। भुगतान की कार्यवाही चल रही है जल्दी भुगतान कर दिया जाएगा। कमीशन मांगे जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि हमारे द्वारा कोई कमीशन नहीं मांगा गया है यदि मेरे कार्यालय से किसी ने कमीशन मांगा है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।.