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रायबरेली – साहब हमारी भूमिधरी जमीन है कौनो पट्टा नहीं कराया है, इंसाफ दिलाओ साहेब

  • रायबरेली – साहब हमारी भूमिधरी जमीन है कौनो पट्टा नहीं कराया है, इंसाफ दिलाओ साहेब
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    भू माफियाओं के हौसले बुलंद पुलिस और जिला प्रशासन ने आंख पर बांध रखी है काली पट्टी

अनिल कुमार
इंडिया नाऊ 24
रायबरेली

रायबरेली ।। प्रदेश में प्रचंड बहुमत से सरकार बनने के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने एंटी भू माफिया फोर्स का गठन कर सभी जिलों के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को सख्त निर्देश दिए थे इन पर कार्यवाही सुनिश्चित करें चिन्हित करें और कड़ी कार्यवाही के तहत इनको सलाखों के पीछे भेजने का काम किया जाए लेकिन अगर जमीनी हकीकत देखी जाए तो इससे परे ही नजर आती जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने एंटी भू माफिया कोर्ट का गठन किया और साथी टोल फ्री नंबर द्वारा यह भी सुविधा दी कि आप अपनी शिकायत इस पर भी दर्ज करा सकते हैं लेकिन शायद इसका असर रायबरेली प्रशासन और पुलिस पर दिखाएं नहीं दे रहा है जी हां ताजा मामला रायबरेली ई-मेल एरिया थाना क्षेत्र के देवानंदपुर का है जहां से एक पीड़ित परिवार अपनी भूमिधरि जमीन ना कि कोई और ना ही कोई कमी अपनी जमीन बचाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रहा है लेकिन उसे न्याय नहीं मिल पा रहा है आज या परिवार उप जिला अधिकारी के कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और साथ ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी अपनी प्रार्थना पत्र देकर न्याय की प्रार्थना कर अपने परिवार की सुरक्षा की भी मांग की दरअसल देवानंदपुर के निवासी चुन्ना ने प्रार्थना पत्र देकर वही के स्थानीय लोगों पर आरोप लगाते हुए बताया है कि उनकी बंदरी जमीन जोकि गाटा संख्या 482 में दर्द है और तकरीबन 22 बीघा जमीन उनकी भूमि रही है और बकायदा उसकी इंतखाब और सारे दस्तावेज मौजूद हैं लेकिन गांव के ही कुछ सरहंग व अराजक तत्व उस जमीन पर अपनी जबरन अधिकार जमा कर अवैध कब्जा कर रहे हैं जिसकी शिकायत कई बार थाने में दर्ज कराई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई जिससे अराजक तत्वों का मनोबल और बढ़ गया और वह खुलेआम एलानिया जान से मार देने की धमकी व किसी भी अधिकारी को प्रार्थना पत्र देने पर जान से मारने की धमकी देते हैं जिसकी प्रार्थना पत्र में कई बार थाने व उच्च अधिकारियों को दे चुका हूं लेकिन कार्यवाही के नाम पर शून्ये है । हाथ में प्रार्थना पत्र लिए या परिवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय में इस आशा से पहुंचा है कि शायद इस को न्याय मिल पाएगा । फिलहाल प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस ओर ध्यान जरूर देना चाहिए ताकि जिस तरह से पूर्व में प्रचंड बहुमत से उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ कितने पुत्र में बीजेपी ने सरकार बनाई थी कहीं उनके मातहत आने वाले विधानसभा चुनाव में इसकी किरकिरी ना करा बैठे ध्यान देना होगा जिले में बैठे अधिकारियों को सरकार की छवि कहां से खराब हो रही है और कौन है इसके जिम्मेदार ? कार्यवाही उन पर भी जरूर होनी चाहिए। फिलहाल अब देखना यह होगा कि परिवार के द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र पर क्या कार्यवाही होती है ? या फिर किसी फाइलों की धूल चाटती रहेगी यह भी प्रार्थना पत्र।