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रायबरेली – बैंक में ताला लगाने के नाम पर मचे बवाल का पूरा सच :- एच एन सिंह – India Now24

अनिल कुमार
इडिंया नाउ 24

बैंक में ताला लगाने के नाम पर मचे बवाल का पूरा सच :- एच एन सिंह

रायबरेली ।।में स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय कार्यालय मैं उस समय हड़कंप मच गया जब बैंक अधिकारियों ने मकान स्वामी पर बैंक के गेट पर ताला लगाने का आरोप लगा दिया जिससे कई घंटे तक बैंक कर्मी बाहर खड़े रहे वही बैंक मैनेजर ने बैंक के गेट पर ताला लगाने की शिकायत जिले के पुलिस अधीक्षक से की तो मौके पर कई थानों की पुलिस पहुंच गई वही बैंक मैनेजर ने भवन मालिक पर धमकाने और मारपीट करने का भी आरोप लगाया है।ताजा मामला मिलएरिया थाना क्षेत्र के मालिक मउ चौराहे स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा का है ।

रायबरेली शहर के मिल एरिया थाना क्षेत्र के मलिक मऊ में स्थित इस बैंक ऑफ बड़ौदा के क्षेत्रीय कार्यालय को देखिए कार्यालय के बाहर सभी बैंक कर्मी खड़े हुए हैं गेट पर ताला लगा हुआ है दरअसल आज सुबह जब बैंक के कर्मचारियों ने बैंक के अंदर जाने को किया तो भवन मालिक ने गेट पर ताला लगा दिया और उसके बाद वहां से गायब हो गया जिसकी सूचना बैंक के मैनेजर ने पुलिस अधीक्षक को दी तो तत्काल कई थानों की पुलिस वहां पहुंची ताला खुलवाने का प्रयास किया लेकिन ताला नहीं खुल सका और पुलिस ने दूसरे गेट से बैंक कर्मचारियों से जाने को कहा तो बैंक कर्मी भड़क गए इस दौरान पुलिस और बैंक मैनेजर के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई ,बैंक कार्यालय के जिम्मेदार अधिकारी की मानें तो बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के साथ-साथ परिसर में एक शाखा भी है जिसे खाली कराकर दूसरी जगह ले जाया जा रहा है ।

वही मकान मालिक से जब मीडिया ने बात की तो भवन मालिक एचएन सिंह ने बताया कि बैंक का किराया नामा अप्रेल 2017 में ही खत्म हो गया है और पिछले तीन सालों से बैंक बिना किरायनामा के अपना काम करती रही जबकि मेरे द्वारा बैंक के अधिकारियों को कई बार चिट्टी लिखकर अवगत भी कराया गया लेकिन तीन सालों तक बैंक के कर्मचारियों ने मेरी कोई भी चिट्टी का जवाब नही दिया हालांकि बैंक में काम कर रहे रवि मिश्रा ने बैंक किरायानामा के नाम पर कुछ अलग से एमाउंट डिमांड की थी जोकि मैने मना कर दिया था और गेट पर ताला आज से नही बल्कि पिछले 15 सालों से बैंक के बाहर वाले गेट पर ताला मेरे द्वारा लगाया जाता था और दूसरे गेट से ही सभी लोगो का आवागमन होता था और आज भी बैंक अपने सही समय पर खुला कर्मचारियों ने अपना काम करना शुरू भी कर दिया था लेकिन रवि मिश्रा और अनम्य मिश्रा ने षड्यन्त रच कर मुझे फ़साने का काम किया जबकि ये आरोप पूरी तरह से निराधार है चाहे तो सीससीटीवी कैमरा चेक करवा लिया जाए