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रायबरेली – प्रवासी मजदूरों को घर वापस लाने के लिये ना तो प्रदेश सरकार कोई काम कर रही है, न ही दुसरों को करने दे रही है( सुशील पासी)

रायबरेली

प्रवासी मजदूरों को घर वापस लाने के लिये ना तो प्रदेश सरकार कोई काम कर रही है, न ही दुसरों को करने दे रही है( सुशील पासी)

रायबरेली: प्रवासी मजदूरों को घर वापस लाने के लिए ना तो प्रदेश सरकार खुद कोई काम कर रही है और ना ही दूसरे लोगों को कोई काम करने दे रही है। यह योगी सरकार की घटिया सोच की घटिया राजनीति है। यह आरोप कांग्रेस पार्टी के प्रदेश सचिव सुशील पासी ने लगाया है। हमारे संवाददाता से बातचीत में सुशील पासी ने कहा है कि, आज देश के लाखों मज़दूरों, कामगारों पर आफत का पहाड़ टूट पड़ा है। क्रेन्द्र सरकार की गलती के चलते करोड़ो मजदूर, कामगार रोजगार विहीन होकर बड़े-बड़े महानगरों में भुखमरी का शिकार हो रहे हैं। जिनके पास कुछ नहीं बचा है। मजबूर होकर वो अपने अपने घरों को वापस जाना चाहते हैं। किंतु ना तो केंद्र सरकार और ना ही उत्तर प्रदेश की योगी सरकार उनके लिए कोई व्यवस्था कर रही है। मजबूरन प्रवासी लोगों को छोटे-छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुढे मां बाप को साथ लेकर पैदल ही हजारों किलोमीटर का सफर करने को विवस होना पड़ा है।
आपको बता दे कि, श्री पासी ने हमारे संवाददाता को दिए गए बयान में आगे कहा है कि, भूख से तड़पते बच्चों को देख कर भी सरकार में बैठे लोगों व अधिकारियों के दिल नहीं पसीज रहे हैं। तमाम लोग दुर्घटनाओं का शिकार होकर कॉल के गाल में समा चुके हैं। ऐसी दशा में कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का दिल फसीजा और उन्होंने अपनी ओर से राजस्थान से 1000 बसों का इंतजाम कर अपने खर्चे से कामगारों को उनके घरों तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।
इसी क्रम में प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 3 दिन पहले इस आशय का पत्र भेजा था। किंतु संवेदनहीन हो चुकी योगी सरकार और उनके अधिकारियों ने अब तक बसों के संचालन की अनुमति तक नहीं दी। बल्कि बसों के कागज, बसों की फिटनेस जैसे बेतुके प्रश्न उठाकर प्रक्रिया को टाल मटोल कर रही है। जबकि एक हजार बसें उत्तर प्रदेश की सीमा पर अनुमति ना मिलने से खड़ी हुई है।
श्री पासी ने हमारे संवाददाता को दिए गए बयान में आगे कहा है कि, यह उत्तर प्रदेश के भाजपा सरकार की जन विरोधी नीति का खुला प्रमाण है। उन्होंने मांग की है कि, कांग्रेसी कार्यकर्ता मजदूरों के हित में उसी प्रकार से बसों का संचालन करावे जैसे कि, प्रायः राजनैतिक दलों की रैलियों में बसों के संचालन का तरीका होता है। क्योंकि, राजनैतिक दलों के धरना प्रदर्शन रैलियों में न तो गाड़ियों की फिटनेस कोई मांगता है, और ना ही गाड़ियों के कागज देखे जाते हैं।
उन्होंने प्रेदेश सरकार की इस कारगुजारी के लिए कठोर शब्दों में निंदा की है, और वही यह बात फिर दोहराई है कि, यह सरकार की घटिया राजनीतिक सोच का द्योतक है। उन्होंने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा एवं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू के प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि, उनके प्रयासों को देश का करोड़ों करोड़ मजदूर और कामगार समझता है।
साथ ही उन्होंने भाजपा को मजदूर विरोधी करार देते हुए कहा है कि, वह मजदूरों का शोषण करने वाली पार्ट पार्टी है, उन्होंने भाजपा सरकार के उस निर्णय की आलोचना की, जिस में काम के घंटे 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे किया जाना था। हालांकि बाद में हाई कोर्ट द्वारा कड़ी फटकार लगाए जाने के बाद सरकार को अपने तुगलकी निर्णय को वापस लेने को मजबूर होना पड़ा था। उन्होंने भाजपा को चेताया है कि, वह याद रखें! लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च है। बड़े-बड़े तानाशाहों, हिटलर, मुसोलनी, ईदी अमीन जैसों को उनकी गलत नीतियों के चलते जनता ने उखाड़ फेका था।
श्री पासी यह भी दावा किया है कि, आने वाले समय में भारत की महान जनता भाजपा जैसी फास्टिष्ट जन विरोधी, मजदूर विरोधी, गरीब विरोधी, दलित विरोधी, अल्पसंख्यक विरोधी सरकारों को उखाड़ फेंकेगी।