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मीरजापुर – क्षेत्रीय कृषि वैज्ञानिकों ने प्रगतिशील कृषको को बताये आलू और मटर की उन्न्त खेती के गुर।

क्षेत्रीय कृषि वैज्ञानिकों ने प्रगतिशील कृषको को बताये आलू और मटर की उन्न्त खेती के गुर।

 

अतुल कुमार सिंह

ब्यूरो चीफ मीरजापुर

इण्डिया नाऊ24

 

पुरुषोत्तमपुर (मिर्जापुर)। चुनार थाना क्षेत्र के पुरूषोत्तमपुर में सोसाइटी फॉर अपलिफ्टमेंट ऑफ़ रूरल इकॉनमी (SURE), वाराणसी गौतम कल्लू रिसर्च एवं डेवलपमेंट फाउन्डेशन वाराणसी एवं एग्रीमित्र फारमर प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड, मिर्ज़ापुर, उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय वैज्ञानिक – कृषक संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ‘अपनी माटी अपने लोग’ श्रृंखला के तहत आयोजित किया गया, जिसमें कृषि के विभिन्न आयामों के साथ साथ आलू एवं मटर फसल पर वैज्ञानिक चर्चा केन्द्रित रही | इस संगोष्ठी में भाग लेने वाले सभी वैज्ञानिकगण चुनार के ही थे, जोकि वर्तमान में देश के कोने कोने में अपनी सेवाएँ प्रदान कर रहे है या प्रदान कर चुके है | ज्ञात हो कि क्षेत्रीय कृषि वैज्ञानिकों द्वारा अपने लोगों के बीच संवाद स्थापति करने का यह प्रथम एवं सराहनीय प्रयास है | इस अवसर पर डा. अनिल कुमार सिंह (प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पूर्वी अनुसंधान परिसर पटना बिहार) ने कृषक बंधुओ से आवाहन किया कि यदि हमें अपनी आमदनी त्वरित गति से बढानी है तो हमें ना केवल कृषि में नवीन तकनीकियों का प्रयोग करके उत्पादन लागत में कमी के साथ साथ उत्पदान एवं उत्पादकता में वृद्धि करनी होगी, अपितु हमें उद्द्यमशील भी होना पड़ेगा| भारत सरकार ने इस हेतु पांच क्षेत्रो को चिन्हित किया (उद्यानिकी , पशु पालन, मत्स्य पालन, कृषि वानिकी एवं फसल प्रसंसकरण) | डा. अनिल कुमार सिंह ने यह भी बताया कि माँ गंगा के आँचल मे कड़कनाथ मुर्गीपालन एवं मछली पालन में असीमित संभावनाएं है | डा. नरेन्द्र देव सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, पश्चमी कामेंग, अरुणाचल प्रदेश) ने जैविक खेती के नफ़ा नुकसान के बारे में विस्तार से चर्चा की एवं इस संदर्भ मे सिक्किम का उदाहरण भी प्रस्तुत किया इस बात का जोर दिया की आने वाला समय जैविक खेती का ही है | डा. बी. एन. सिंह (सेवानिवृत प्रोफेसर, सब्जी विज्ञान विभाग, नरेंद्र देव कृषि एवं प्रद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या) जी ने सब्जी उत्पादन पर कृषकोपयोगी महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रदान किया| इस अवसर पर डा. सुदर्शन मौर्य, प्रधान वैज्ञानिक (पादप रोग विज्ञान) भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी, उत्तर प्रदेश ने सलाह दी कि उच्च गुणवत्तायुक्त आलू एवं मटर उत्पादन हेतु एकीकृत रोग प्रबंधन को अपनाना होगा जिससे लागत में कमी भी की जा सकती है | श्री सुरेन्द्र सिंह (सदस्य राष्ट्रीय कार्यकारणी, भा. ज. पा. किसान मोर्चा एवं प्रशिक्षण प्रमुख काशी क्षेत्र) ने भी कृषि के विभिन्न पहलू पर सविस्तार चर्चा की | क्षेत्र के युवा वैज्ञानिकों यथा डा. मनीष कुमार सिंह (सहायक प्राध्यापक, उद्यान विज्ञान, लवली प्रोफ़ेशनल यूनिवर्सिटी जालंधर, पंजाब) ने मटर की वैज्ञानिक खेती पर प्रकाश डाला | श्री चन्द्र कुमार सिंह (विषय वस्तु विशेषज्ञ, उद्यान विज्ञान, कृषि विज्ञान केंद्र, तवांग, अरुणाचल प्रदेश) ने भी अपने अनुभव रखे | इस अवसर पर बोलते हुए श्री शिव मंगल सिंह, (तकनीकी आधिकारी, मौसम आधारित कृषि परामर्श एकांश, काशी हिन्दू विश्विद्यालय) ने बदलते मौसम एवं जलवायु परिवर्तन का कृषि पर पड़ने वाले प्रभाव को सारगर्भित तरीके से समझाया | इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डा. अनिल कुमार सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना बिहार, एवं डा. नरेन्द्र देव सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष, पश्चमी कामेंग, अरुणाचल प्रदेश की भूमिका सराहनीय रही | इस एक दिवसीय कृषक – वैज्ञानिक संगोष्ठी में चुनार क्षेत्र के 09 वैज्ञानिकों एवं लगभग 100 प्रगतिशील कृषको उत्साहपूर्वक ने भाग लिया | इस अवसर पर सोसाइटी फॉर अपलिफ्टमेंट ऑफ़ रूरल इकॉनमी (SURE) वाराणसी द्वारा प्रकाशित ‘कृषि मंजूषा’ हिंदी अर्धवार्षिक कृषि शोध पत्रिका के अक्टूबर 2020 के साथ साथ डा. पुष्पेन्द्र कुमार एवं डा. मनीष कुमार सिंह द्वारा लिखित ‘Treasure of Vegetable Crops’ नामक पुस्तक का भी विमोचन किया गया | डा. गोविन्द नारायण सिंह (समन्यवक, एग्रिमित्र FPO कम्पनी लिमिटेड मिर्ज़ापुर) ने स्वागत एवं कार्यक्रम का संक्षिप्त परिचय दिया | श्री लाल बहादुर सिंह, निदेशक, एग्रिमित्र FPO लिमिटेड ने एग्रिमित्र का परिचय प्रस्तुत किया| कार्यक्रम का संचालन डा. अनिल कुमार सिंह, प्रधान वैज्ञानिक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना बिहार ने किया | कृषक – वैज्ञानिक संगोष्ठी का समापन श्री अश्वनी कुमार सिंह (निदेशक, एग्रिमित्र FPO लिमिटेड) द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ| कार्यक्रम में गुलजारी लाल नंदा, धीरज कुमार सिंह, राजेश सिंह, कलावती देवी एवं अन्य किसान उपस्थित रहे।