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मंदी का असर अभी बैंको में नही- डी0एसव0 गनेशन

वैन न्यूज एजेंसी
रिर्पोट पंकज ब्यूरो चीफ
कानपुर

मंदी का असर अभी बैंको में नही- डी0एसव0 गनेशन
केन्द्र सरकार के साथ हो रही कई अहम मुददो पर चर्चा
कानपुर नगर, आॅल इण्डिया जनरल सेकरेट्री डीएस गनेशन मंगलवार को स्वरूप नगर स्थित यूनियन बैंक शाखा पहुंचे, जहां अध्यक्ष कानपुर यनियन आशीष यादव के साथ जगरूप भदौरिया, आरके अवस्थी, संजय कुमार, पंकज कुमार तथा यूनियन बैंक स्वरूप नगर आॅफीसर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
इस दौरान गनेशन ने बताया कि आॅल इण्डिया बैंक एसोसिएशन की एक वार्ता हुई है, जिसमें चर्चा हुई कि पब्लिक सैक्टर को बचाया जाये, इसके लिए आन्दोलन हो रहा है। कहा हम लोग आम आदमी के लिए है जिसमें उन्हे लोन देना है एग्रीकल्चर देखना है। कहा आम आदमी का जो पैसा आ रहा है वह आम आदमी को ही जाना चाहिये। आन्दोलन तो हम लोग हमेशा लडते ही रहते है। बताया कि हम अपनी बैंक के लिए कई निर्णय ले चुके है जिन्हे भविष्य में अपनाया जायेगा। बैंक को भी बेहतर बनाया जायेगा। एकनोमी पर उन्होने कहा कि यह गलत है कि बैंक बंदी की कगार पर है ऐसा कुछ नही है। कहा आटो मोबइल वर्क पर जहां कारें बनायी जाती है, लगभग 250 पार्ट अलग-अलग तैयार किये जाते है वहां परेशानी हो रही है। इसके लिए फाइनेंस मनिस्ट्री को पत्र लिखा गया है। आॅटो मोबाइल काम में लाखो लोग लगे हुए है, अगर यह बंद हो गया तो आटो मोबाइल अप्रचुनटी समाप्त हो जायेगी। नीचे काम करने वाले आदमी को कुछ खाने-पीने की व्यवस्था नही होगा। इस बारे में हम मिनिस्ट्री तक पहुंचे है और इस पर चर्चा हो रही है। कहा हो सकता है आने वाले 4-5 महीनो में कुछ बेहतर हो सकेगा। उन्होने माना कि छोटे स्तर से उधोगो का धंधा समाप्त हो गया है। कहा एकेनोमी को ऊपर लाना होगा, आम आदमी को ऊपर लाना होगा। अंबानी जैसे बडे-बडे उधोगपतियों से ही क्या होगा। इस मुददे पर भारत सरकार भी गंभीर है और चर्चा हो रही है जल्द ही आने वाले समय में सबकुछ ठीक हो जायेगा। उन्होने कहा एमपीए मुख्य विषय है, जिसमें आरबीआई द्वारा आया है कि 13 लाख करोड एडवांसेस एमपीए में पडा है। उन्होने कहा जरूरतमंदो को हम पैसा देते है लेकिन 70 प्रतिशत बडे डिफाल्टरो के पास है, मतलब करोडो रू0 फंसा हुआ है। ऐसे में हमारी जिम्मेदारी बनती है कि आम आदमी का पैसा बचाना है। मांग की गयी है सरकार से कि ऐसे लोगो पर अपराधिक एक्शन लेना है, उनसे पैसा वापस लेना है और हम अपने बैंक में भी रिकर्वी का बहुत ध्यान रख रहें है। यदि पैसा वापस नही आयेगा तो दुबारा किसी दूसरे आदमी को कैसे दिया जा सकता है। कहा पार्टी कोई भी हो यदि सत्ता में आती है और आम आदमी को किसी नीति से परेशानी होती है तो हम सभी इसका विरोध करेगे। वहीं केंद्र सरकार भी गंभीर हुई है और बडे बकायेदारो पर केस लगाने पर विचार किया जा रहा है। यदि यह सफल रहा तो आगामी मार्च तक अच्छी रिकवरी हो सकती है।