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बछरावां रायबरेली-रोजगार देने के नाम पर निजी क्षेत्र के महाविद्यालय एवं इंटर कॉलेज के प्रबंधक शिक्षकों का करते है शोषण

रोजगार देने के नाम पर निजी क्षेत्र के महाविद्यालय एवं इंटर कॉलेज के प्रबंधक शिक्षकों का करते है शोषण

रिपोर्ट उमेश वर्मा इंडिया नाऊ 24
क्राइम रिपोर्टर बछरावां रायबरेली

बछरावां रायबरेली। आज के इस दौर में कम शिक्षा वालो के लिए तो रोजगार आसानी से उपलब्ध हो जाता है ।वो किसी भी क्षेत्र में अपनी जीविका चलाने के लिए काम कर सकता है ।लेकिन आज के। इस दौरे में सबसे बड़ी रोजगार की समस्या अधिक योग्यता रखने वालो के पास है ।क्योंकि उसने तो कभी कार्य किया नहीं होता है । इन सभी में सबसे अधिक शोषण होता है ।तो शिक्षक का होता है ।और उनमें शोषण करने वाले निजी क्षेत्र के डिग्री कालेज और इंटर कालेज के प्रबंधक होते है ।उन्होंने अंग्रेजो के समय के नियम को अपना रखा है ।प्रबंध तंत्र रोजगार देने के नाम पर विज्ञापन निकालते है और उस विज्ञापन में भारी भरकम वेतन देने की बात करते है ।और रोजगार की तलाश में जब व्यक्ति उस विज्ञापन को देख कर उनके वहां पहुंच जाता है ।तो यह उससे उसके प्रमाण पत्र तो देख लेते है ।उसके बाद सब्जी बाज़ार में जैसे बारगनिग करते है ।और यहां तक कि उसको वेतन देने को कुछ कहा जाता है और दिया कुछ जाता है ।और ये एक दूसरे में फुट डाल कर राज्य करने वाला नियम अपनाते है ।ये सभी डिग्री कालेज का हाल है । ये कागज पर तो दिखाते किसी और को है और शिक्षण कार्य किसी और से करवाते है ।जिससे ये महाविद्यालय हर साल लाखों रुपए की बचत करते है ।इसके बारे में सरकार भी कुछ नहीं करती है ।वह केवल अच्छी शिक्षा देने के लिए बड़े बड़े नियम बनाती रहती है ।और करती कुछ नहीं है ।कुछ शिक्षक भी प्रबंध तंत्र से मिल कर अपना उल्लू तो सीधा कर लेते है पर अपने साथी को मरने के लिए छोड़ देते है ।डिग्री कॉलेज का प्रबंध तंत्र इसी का फायदा उठाता है ।शिक्षक जब सामान कार्य करता है तो उसको सामान वेतन क्यों नहीं दिया जाता है ।उसका शोषण क्यों किया जाता है ।ये सवाल प्रबंध तंत्र और सरकार से है ।