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निदेशक शिक्षा विभाग को लिखा निजी स्कूलों के शोषण के खिलाफ पत्र,

निदेशक शिक्षा विभाग को लिखा निजी स्कूलों के शोषण के खिलाफ पत्र,

 

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24
गुरुग्राम ।  कैलाश चंद एड्वोकेट ने हरियाणा शिक्षा विभाग के निदेशक को पत्र लिखा जिसमे कहा  गया गया कि निजी स्कूलों और सरकार में मिलीभगत है जिसका खामियाजा अभिभावक/ छात्र भुगत रहे हैं,
आज ही के दिन शिक्षा निदेशालय से निजी स्कूलों के लिये एक पत्र जारी हुआ जिसमें लिखा था कि कोई भी निजी स्कूल kovid 19 महामारी के समय अभिभावको से फीस ओर शुल्क बारे ट्यूशन फीस में अन्य शुल्क भी शामिल किए जाते हैं जो गलत है जबकि कोविड 19 के समय ही नही ये शुल्क तो कभी भी नही लिए जा सकते जो शिक्षा नियमावली के खिलाफ है,
ओर कहा कि निदेशालय के पत्र में कहा ह की बिल्डिंग फण्ड, रखरखाव फण्ड, प्रवेश शुल्क, कम्प्यूटर क्लास, स्मार्ट क्लास, साइंस लैब, व अन्य अमान्य मदो में कोविड 19 के समय स्थगित है जबकि ये सभी मद शिक्षा नियमावली के खिलाफ है तो सिर्फ कोविड 19 पर ही क्यो स्थगित कभी भी नही लिए जाने चाहिय,
मासिक फीस में hidden चार्ज भी शामिल करना गैर कानूनी है,
वाहन की सुविधा लिए बिना यातायात शुल्क लेना भी नियमानुसार गलत है,
निजी विद्यालयों में प्रत्येक वर्ष वर्दी, बदलना भी गलत है शिक्षा निदेशालय के पत्र से साफ जाहिर होता है कि ये वर्दी प्रत्येक वर्ष बदलना सरकार की सहमति से होता है,
प्रत्येक वर्ष निजी पब्लिशर्स की किताबें लगाना भी नियम के विरुद्ध है, सिर्फ ncert या सम्बंधित बोर्ड की किताबें ही लगनीं चाहिय,
निदेशालय के पत्र पर ऐतराज जताते हुए कहा कि पत्र जारी करना सिर्फ दिखावा मात्र है सरकार को सब जानकारी है या सरकार के संरक्षण में शिक्षा नियमो की प्रति वर्ष धज्जियां उड़ाई जाती है जिससे छात्र/ अभिभावको का शोषण होता है और ये सब राजनीतिक लोगो का निजी स्कूलों के साथ सम्बन्ध ओर सरकार का सहयोग तब ये सब होता है
निजी स्कूलों के पास रिजर्व फण्ड काफी होता है उस फण्ड के माध्यम से स्टाफ की सैलरी दी जानी चाहिये, ओर कोविड 19 महामारी पर अभिभावको /छात्रों से कोई भी फीस न ली जानी चाहिये,
कैलाश चंद ने ऐतराज जताया कि शिक्षा के नाम पर निजी स्कूलों द्वारा शोषण किया जाता है उसमे राजनीतिक लोगो के खुद के स्कूल ह या उनके नजदीकियों के इसलिये सरकारी अधिकारी भी कुछ कार्यवाही करने में अपने आप को मजबूर समझते हैं और शिक्षा माफिया बिना किसी रोक टोक के नियमो की धज्जियां उड़ाते नजर आते हैं,  … कैलाश चंद एड्वोकेट