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गुरूग्राम जिला में व्यवस्थित तरीके से हो रही है सरसों व गेहूं की खरीद -अमित खत्री

गुरूग्राम जिला में व्यवस्थित तरीके से हो रही है सरसों व गेहूं की खरीद -अमित खत्री
– कोविड-19 से बचाव के तहत नियमानुसार चल रही है खरीद प्रक्रिया।
– जिला में अब तक 40 हजार 985 क्विंटल सरसों तथा 43 हजार 903 क्विंटल गेंहू की खरीद।
रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24
गुरूग्राम  । गुरूग्राम के उपायुक्त अमित खत्री ने कहा कि गुरूग्राम की अनाज मंडियों तथा खरीद केंद्रों पर सरसों व गेहूं की फसल व्यवस्थित ढंग से खरीदी जा रही है। जहां कहीं आढ़ती की ओर से फसल खरीदने में दूरी बनती है तो प्रशासनिक स्तर पर नियुक्त खरीद अधिकारी बेहतर तरीके से कार्य कर रहे हैं।
गुरूग्राम जिला में कॉल अथवा एसएमएस के माध्यम से खरीद केंद्रों पर आने वाले किसान की सरसों तथा गेहूं फसल की खरीद साथ-साथ की जा रही है।
 श्री खत्री ने बताया कि अब तक जिला में 40 हजार 985 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी है। इसी प्रकार गेंहू की खरीद शुरू होने से लेकर अब तक जिला में 43 हजार 903 क्विंटल गेंहू की खरीद की जा चुकी है।
श्री खत्री ने कहा कि कोविड 19 लॉक डाउन में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए  सभी  सुरक्षा के एहतियात बरतते हुए गुरूग्राम जिला प्रशासन की ओर से सरसों व गेहूं का खरीद कार्य सुचारू रूप से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सभी मंडियों व खरीद केंद्र पर आने वाले किसानों के हाथों को सैनेटाइज करने के साथ ही ट्रैक्टर को भी सैनेटाइज किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अनाज मंडी व खरीद केंद्रों पर किसान भी स्वयं जागरूक होकर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रख रहे हैं, वहीं श्रमिक भी निर्धारित नियमों की अनुपालना प्रभावी ढंग से कर रहे हैं। खरीद केंद्रों पर किसानों को किसी भी प्रकार से परेशानी न हो, इसके लिए समुचित प्रबंध मंडियों में देखने को मिले हैं।
उपायुक्त श्री अमित खत्री ने कहा कि गुरूग्राम जिला में बने सरसों व गेहूं की मंडियों तथा खरीद केंद्रों पर प्रशासन की ओर से खरीद अधिकारी की भी नियुक्ति किये गए हैं। उन्होंने बताया कि गुरूग्राम जिला के चारों एसडीएम भी खरीद केंद्रों की व्यवस्थाओं का नियमित रूप से जायजा ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि कोविड-19 से बचाव की दिशा में उठाए जा रहे सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की पालना करते हुए प्रतिदिन मंडी में सुबह व सांयकालीन सत्र के दौरान 50-50 किसानों को बुलाया जा रहा है। जिन किसानों के पास एसएमएस अथवा फोन कॉल जाती है, केवल वहीं किसान मंडी में फसल बेचने आ सकते हैं। उन्होंने जिला में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को भी यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि बिना बुलाए कोई भी किसान अपनी फसल लेकर मंडी व अथवा खरीद केंद्र पर ना पहुंचे।