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गंगा घाट हो या करबला,जिले की सीमा हो या मजार कविता लगाएगी दुर्घटनाओं पर लगाम…

गंगा घाट हो या करबला,जिले की सीमा हो या मजार कविता लगाएगी दुर्घटनाओं पर लगाम…

कौशाम्बी। नए जनपद सृजन के बाद के जनपद वासियों को कई समस्याओं से रूबरू होना पड़ा था लेकिन कुछ आलाधिकारियों के दृढ़ निश्चय ने न केवल लोगों के जीवन में खुशियां बिखेरी बल्कि अपने प्रभाव से जीने का तरीका भी बदल दिया। उन्हीं में पूर्व जिलाधिकारी लोकेश एम रहे व तत्कालीन जिलाधिकारी मनीष कुमार बर्मा व उपसंभागीय अधिकारी शंकर जी सिंह हैं। जिला प्रशासन ने एआरटीओ शंकर जी सिंह की कविताओं के माध्यम से जिले की दुर्घटनाओं पर लगाम लगाकर यातायात की समस्याओं से निजात पाने का खाका खींचा है। जिले की सीमा हो है मजार, कड़ा धाम हो है घाट या फिर हो करबला का क्षेत्र हर जगह कविता के माध्यम से लोगों को जागरूक कर यातायात की सेहत में सुधार करने की तैयारी शुरु हो चुकी है।

सुनील सिंह चीफ रिपोर्टर इण्डिया नाउ 24सिराथू कौशाम्बी आर्यन