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ख्वासपुर का दंगल होली पर्व पर  होता है खास

ख्वासपुर का दंगल होली पर्व पर  होता है खास
चरित्र निर्माण भी होता और समाज में साख भी बढ़ती
तिरपड़ी के राहुल पहलवान ने जीती 54 हजार की कुश्ती
यहां दंगल में बेटियों की कुश्तिया आयोजित की गई 
 

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम ।    कुश्ती एक एेसा प्राचीन खेल है जिससे शारीरिक और मानसिक दोनों तरह का विकास होता है। कुश्ती लडऩे वाले युवा धुम्रपान, नशा खोरी से दूर रहते है तथा ब्रह्मचर्य का पालन भी करते है। जिससे उनका चरित्र निर्माण तो होता ही है और समाज में उनकी साख भी बढ़ती है।
यह बात बाबा सुखानाथ बेरकी वाले आश्रम के श्री महंत बाबा अमरनाथ जी महाराज ने दुल्हैंडी पर्व पर आयोजित कुश्ती दंगल का शुभारम्भ करने के बाद कहीं। उन्होंने बताया कि जिस गांव अथवा शहर में इस प्रकार चरित्रवान युवा हो उसका नाम देश विदेश में रोशन होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के दंगल के आयोजन से लोगों में भाईचारे की दीवार मजबूत होती ही है साथ में क्षेत्र में छिपी हुई प्रतिभाओं को स्वंय निखरने के अवसर भी मिलते है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि वह भी अपने बच्चों को शिक्षा के अलावा खेला में भी भागीदारी करने के लिए प्ररेरित करें । ऐसा करने से युवा वर्ग पथभ्रष्ट होने से बचेगा और देश समग्र विकास में अपनी भूमिका को अच्छी प्रकार से समझ सकेगा। इस मौके पर मेला प्रबंधन कमेटी की ओर से क्षेत्र के सम्मानित लोगों का पगड़ी व प्रतीक चिंह देकर सम्मान भी किया गया।
दंगल की पहली कुश्ती 54400 रुपए की तिरपड़ी के राहुल पहलवान ने पेलपा के मंदीप पहलवान को हराया, दूसरे नंबर की 33200 रुपए की कुश्ती अरुण पहलवान तिरपड़ी व सुशील पहलवान बामडौली के बीच बराबर रही। तीसरे नंबर की कुश्ती 21000 रुपए की में फारुख अखाड़ा तावडू के सलीम पहलवान ने संदीप पहलवान बामडौली को हराया। चौथे नंबर की तीन कुश्तियां 9800, 9800 की खेली गई उसमें अंकित पहलवान तिरपड़ी ने सौरभ पहलवान अलीयर ढाणा को हराया, रींकू पहलवना अलीयर ढाणा व अन्नू पहलवान फारुख अखाड़ा तावडू के बीच बराबर रही, काला पहलवान मांडौठी ने  निजाम पहलवान तावडू को हराया। इसके अलाव बेटियों की कुश्तिया आयोजित की गई ।
इस मौके पर जोनियावास आश्रम के श्री महंत बाबा फतह नाथ जी महाराज, बाबा बालक नाथ झाड़सा, बाबा बिजेंद्र नाथ,  जिला पार्षद विजय पाल संटी, सरपंच प्रहलाद पूर्व सरपंच विकास यादव, पूर्व सरपंच शशी कुमार, राकेश प्रधान, मास्टर श्योदान सिंह, मास्टर रणजीत सिंह, पूर्व सरपंच धर्मबीर यादव, पूर्व सरपंच इंद्राज सिंह, समय सिंह पंच, कुलदीप पंच, अभय सिंह, सुरेश यादव खोह, सुंदर यादव, सुनील नेता जी, लम्बरदार थावर सिंह ढोहरका, कौच सुंदर शर्मा, मुकेश पंच, थानेदार अशोक शर्मा, कौच यशपाल, जगदीश पंच, राजबीर पंच, लखन यादव, मनीष यादव आदि मौजूद थे।