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कोविड-19 महामारी के बीच गुरुग्राम की कंपनी ने 100 से अधिक युवतियां को दिया रोजगार

कोविड-19 महामारी के बीच गुरुग्राम की कंपनी ने 100 से अधिक युवतियां को दिया रोजगार

• ‘मेधा’ द्वारा समर्थित यूपीएसटीपीसी प्रोजेक्ट ने युवतियों के लिए आसान बनाई नौकरी की राह

गुरुग्राम : ऐसे समय में जब कोविड-19 महामारी के कारण आई मंदी में नौकरी जाने, फ़र्लो और वेतन कटौती की रिपोर्ट सामने आ रही हैं, गुरुग्राम की एक निजी कंपनी ने 100 से अधिक युवतियों को रोजगार देकर मिसाल पेश की है। गुरुग्राम स्थित प्रौद्योगिकी कंपनी वीवीडीएन टेक प्राइवेट लिमिटेड में नौकरी पाने वाली ये सभी युवतियां उत्तर प्रदेश के मऊ, महराजगंज, बरेली और मुरादाबाद जैसे शहरों के सरकारी पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा हैं। साइबर सिटी की कंपनी में युवतियों को रोजगार का यह अवसर उत्तर प्रदेश स्टेट ट्रेनिंग व प्लेसमेंट सेल (यूपीएसटीपीसी) के सहयोग से मिला है।

यूपीएसटीपीसी की स्थापना लखनऊ स्थित एक गैर-लाभकारी संगठन ‘मेधा’ के सहयोग से संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (जेईईसीयूपी) द्वारा की गई है। जिसका उद्देश्य राज्य भर के सरकारी पॉलिटेक्निक में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण सुनिश्चित करना है। साथ ही, उन संस्थानों के प्लेसमेंट इकोसिस्टम का बेहतर प्रबंधन कर प्लेसमेंट सेल को मजबूती प्रदान करना है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत ‘मेधा’ द्वारा समर्थित प्रशिक्षण कार्यशालाओं में रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण दी जाती है। जिसमें साक्षात्कार की तैयारी, रिज्यूम लिखना, उद्यमशीलता, कार्यस्थल शिष्टाचार और नेतृत्व कौशल प्रशिक्षण शामिल हैं।
मालूम हो कि, ‘मेधा’ वर्ष 2011 से युवाओं के रोजगार कौशल विकास के क्षेत्र में काम कर रही है। पिछले वर्षों में संस्था ने 200 शिक्षण संस्थानों के 25,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण संबंधी सहयोग देकर 1500 से अधिक प्रमुख कंपनियों के साथ बतौर इंटर्न व पूर्णकालिक नौकरियों से जोड़ा है।

अगस्त में जब ‘मेधा’ को गुरुग्राम स्थित प्रौद्योगिकी कंपनी में नौकरी के अवसर के बारे में जानकारी मिली तो संस्था ने इच्छुक विद्यार्थियों को कंपनी के साथ जोड़ा। नौकरी के लिए चयनित सभी 106 युवतियों को कोविड-19 के बीच गुरुग्राम भेजने के लिए सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था भी संस्था द्वारा की गई। साथ ही बेटियों को काम के लिए प्रदेश से बाहर भेजने की अनुमति के लिए अभिभावकों की काउंसलिंग में भी ‘मेधा’ की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

गुरुग्राम की कंपनी में नौकरी के लिए चयनित युवतियों में से एक आकृति त्रिपाठी ने महराजगंज स्थित महामाया इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। यहां काम करने के अनुभव को लेकर उन्होंने कहा, “जब मुझे वीवीडीएन टेक प्राइवेट लिमिटेड से जॉब ऑफर मिला तो नौकरी के लिए गुरुग्राम भेजने को लेकर मेरे परिजन थोड़े आशंकित थे। हालांकि, मैं इस अवसर को नहीं गंवाना चाहती थी क्योंकि, मेरा मानना है कि महिलाओं के लिए आर्थिक रूप से स्वतंत्र होना भी बहुत महत्वपूर्ण है। कुछ ही दिनों में मैंने खुद को इस शहर के अनुरूप ढाल लिया है। हर कदम पर हमें सहयोग और मार्गदर्शन देने के लिए मैं ‘मेधा’ संस्था की आभारी हूं।“

वहीं, इस उपलब्धि को लेकर अभियान के संचालक व ‘मेधा’ के एरिया मैनेजर पीयूष गुप्ता ने कहा, “एक संगठन के रूप में हमारा लक्ष्य विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त कर सकने लायक प्रशिक्षण दिलाना और फिर उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। गुरुग्राम में नौकरी कर रही इन युवतियों ने उन लड़कियों के लिए मिसाल पेश किया है जो अपने घर से दूर नौकरी करने को लेकर आशंकित रहती हैं।”