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एटा -शिक्षा विभाग के विरुद्ध आक्रोशित किसानों ने प्रदर्शन कर ऑफिस के गेट पर ताले डालने की घोषणा के उपरांत बी0 एस0 ए0 ने किसानों के बीच पहुंच समस्याओं के समाधान का दिया आस्वासन

शिक्षा विभाग के विरुद्ध आक्रोशित किसानों ने प्रदर्शन कर ऑफिस के गेट पर ताले डालने की घोषणा के उपरांत बी0 एस0 ए0 ने किसानों के बीच पहुंच समस्याओं के समाधान का दिया आस्वासन —————————————————-

एटा – आज दिनांक 23.07.2019 को समग्र विकास परिषद के बैनर तले एटा सदर तहसील में किसानों ने एकत्रित होकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से किसान, मजदूर, शोषित वर्ग के बच्चों के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध जी0 टी0 रोड, सकीट रोड पर प्रदर्शन करते हुए किसान ए0 बी0 एस0 ए0 ऑफिस पर पहुंचे तो अधीनस्थ कर्मचारियों ने बी0 एस0 ए0 एटा को कार्यालय पर न होने की सूचना दी और बाहर होने की बात कह अधीनस्थों को ज्ञापन देने की बात कई जिस पर किसानों ने विभागीय मुखिया के किसानों के बीच न आने तक कार्यालय में ही धरने की घोषणा कर दी और किसान कार्यालय के गेट से लेकर बरामदे तक जम गए जब लगभग 02 घंटे तक बी0 एस0 ए0 के कार्यलय पर न पहुंचने पर आक्रोशित किसानों को सम्बोधित करते हुए अखिल संघर्षी (किसान नेता) राष्ट्रीय अध्यक्ष समग्र विकास परिषद ने किसानों की सहमति से 15 मिनट में अधिकारी के न आने की स्थिति में ऑफिस के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी ततपश्चात बी0 एस0 ए0 किसानों के बीच उपस्थित हुए और उपस्थित किसानों को अतिशीघ्र समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया उसके पश्चात किसानों का प्रदर्शन समाप्त हुआ और जिलाधिकारी एटा के नाम सम्बोधित ज्ञापन बी0 एस0 ए0 को सोपा उक्त प्रदर्शन के समय ज्ञापन में निम्नलिखित मांगो को प्रमुख रूप से उठाया गया।

मांगे निम्नलिखित हैं :-

  1.  हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप सरकारी कर्मचारी / अधिकारियों के बच्चों को अनिवार्य रूप से सरकारी स्कूलों में पढ़ाया जाए उक्त आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाए।
  2. सरकारी स्कूलों के 90 % अध्यापक / अध्यापिकाएं बच्चों को पढ़ाने में दिलचस्पी नहीं लेते हैं ऐसे अध्यापकों को नोकरी से तत्काल निकाला जाए और 10 % अधयापकों द्वारा मेहनत से पढ़ाने बालों को विशेष रूप से सम्मानित कराया जाए।
  3.  सरकारी स्कूलों के अधिकांश अध्यापक / अध्यापिकाएं जींस / छोटे भड़काऊ कपड़े पहन कर विद्यालय जाते हैं इसे कड़ाई से बन्द कराकर ड्रेस कोड लागू कराया जाए।
  4. सरकारी विद्यालयों के अध्यापक मिडडे मील, जनगणना, मतगणना, जूता गणना, ड्रेस गणना आदि के बहाने बना कर अध्यापन कार्य से बचते रहते हैं इसलिए के समय में इनसे इस प्रकार का कोई कार्य न लिया जाए तथा विभागीय आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय समय से अतिरिक्त समय में काम लिया जाए।
  5.  प्राइवेट विद्यालय जैसे असीसी कॉन्वेंट, टयूलिप, सेंटपोल, लिमरा आदि में अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के तहत 25 % गरीब परिवार के बच्चों को कड़ाई से निःशुल्क शिक्षा दिलाई जाए।
  6.  प्राइवेट विद्यालय के मैनेजमेंट की कमीशन एवं कापी – किताब विक्रेता द्वारा भारी मात्रा में मुनाफा लेने की बजह से हो रही अभिभावकों की लूट को कड़ाई से रोका जाए।
  7.  प्रतिवर्ष विभागीय मिलाभगत से आवासीय मकानों, दुकानों में अबैध रुप से विद्यालय खोले जाते हैं जो भविष्य में कभी भी बन्द किए जा सकते हैं उदाहरण के लिए मिरहची में लगभग एक दर्जन विद्यालय अबैध रूप से ए0 बी0 एस0 ए0 की मिलीभगत से चल रहे हैं इन्हें कड़ाई से बन्द कराया जाए।
  8. बि0 ख0 सकीट के ग्राम पंचायत इब्राहिम पुर नगरिया में तत्काल विद्यालय बनबाया जाए तथा मलावन स्थित अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में तत्काल पर्याप्त मात्रा में अध्यापक तैनात किए जाए।
  9.  बि0 ख0 सकीट गांव रिजोर एवं बि0 ख0 निधौलीकलां की ग्राम पंचायत बरई के गांव गदुआ के विधालय की खंडहर बिल्डिंग को खसवाकर नई विल्ड़िंग बनबाई जाए।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से :- अखिल संघर्षी (किसान नेता) राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुरेंद्र शास्त्री राष्ट्रीय महासचिव, अरविन्द शाक्य प्रदेश महासचिव, डॉ0 राजपाल सिंह वर्मा मण्डल उपाध्यक्ष, थान सिंह लोधी जिलाध्यक्ष, आशुतोष जिला प्रवक्ता, ठा0 अखण्ड प्रताप सिंह जिलामहासचिव, अवधेश यादव युवा जिलाध्यक्ष, दिनेश पाल सिंह यादव, राकेश कुमार, ओमपाल शास्त्री, अशोक कुमार, प्रवेश राजपूत, रामोतार प्रभू, राजेन्द्र सिंह, चन्द्रपाल वर्मा, रामरतन वर्मा, प्रदीप, आशा देवी, रामा देवी, मुन्नीदेवी सहित आदि लोग उपस्थित रहे।

केशव चौहान
व्युरो चीफ
India now 24