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अरावली बचाने के लिए लोगों ने मुख्यमंत्री से की अपील

अरावली बचाने के लिए लोगों ने मुख्यमंत्री से की अपील

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड़ पर अरावली की पहाड़ियों के बीच हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का काफिला गुजर रहा था।“अरावली से जीवन अभियान” संगठन के अध्यक्ष प्रदीप सिंह ज़ैलदार अपने टीम के सदस्यों के साथ रास्ते में खड़े होकर खट्टर साहब से अरावली को बचाने की अपील की। प्रदीप सिंह ज़ैलदार के साथ उनकी टीम के सदस्यों ने हाथों में तख्तियां ले रखी थी जिसमें “ खट्टर जी अगर आप ईमानदार हैं तो अरावली को बचाने का वादा अपने संकल्प पत्र में शामिल करें “और “खट्टर जी अरावली से हमारा जीवन है, उसे उजाड़िए मत” जैसे नारे लिखे हुए थे। “अरावली से जीवन “अभियान के सदस्यों में कुछ लड़के शेर, बंदर और हाथी का मस्कट पहने हाथों में “खट्टर जी हमारे घर को मत उजाड़ों” जैसे स्लोगन लिखे हुए तख्ती ले रखी थी। मुख्यमंत्री खट्टर ने अपनी कार के शीशे नीचे कर “अरावली से जीवन” अभियान के सदस्यों को देखा और मुस्कुराते हुए हाथ हिलाकर निकल गए। इतने गंभीर मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ दो मिनट का समय भी नहीं निकल सके हरियाणा प्रदेश के मुख्यमंत्री। विदित हो कि पिछले एक अर्से से अरावली बचाने की मुहिम चल रही है, रोज गुरुग्राम महानगर के अलग अलग भागों में जाकर अरावली बचाने के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अनेक प्रकार के कार्यक्रम किए जा रहे है मगर सरकार के कानों में जू तक नहीं रेंग रहा है। अरावली के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों को अगामी चुनाव में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए क्योंकि यह मुद्दा गुरुग्राम, फरीदाबाद और भिवाड़ी जिले के लोगों के जीवन से जुड़ा मुद्दा है। “अरावली से जीवन “ मुहीम के संगठनकर्ता वरिष्ठ समाजसेवी और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महासचिव प्रदीप सिंह ज़ैलदार ने गुरुग्राम में एक प्रेस कांफ्रेंस करके अरावली को घातक रूप से बर्बाद करने के खिलाफ एक अभियान की शुरुआत करने की घोषणा की थी। प्रदीप ज़ैलदार ने बताया कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है बल्कि शुद्ध रूप से अरावली को बचाने के लिए है, और मैं इस अभियान को आजीवन  जारी रखूँगा। उन्होंने कहा कि 31 अगस्त को हम एक  कार्यक्रम करेंगे जिसमें  हम  अरावली में जाकर वहाँ हजारों की संख्या में पौधारोपण करेंगे । उन्होंने विस्तार से अरावली को उजाडने की सरकार की मांसा को बताते हुए कहा कि एन सी आर प्लानिंग बोर्ड ने 2005 में अरावली को नेचुरल कंजर्वेशन ज़ोन घोषित कर चुका है मगर खट्टर सरकार पाँच साल में अभी तक नेशनल कंजर्वेशन ज़ोन का क्षेत्र चिन्हित नहीं कर पाई है। सरकार का यह रवैया उसकी नीयत को जाहिर करता है, दरअसल सरकार नेशनल कंजर्वेशन ज़ोन के क्षेत्र को चिन्हित ही नहीं करना चाहती है,  ऐसा करके सरकार अरावली को सिर्फ गुरुग्राम तक सीमित रख कर हजारों एकड़ जमीन को भूमाफिया और उद्योगपतियों के हाथों बेच कर मोटा पैसा कमाना चाह रही है। दूसरा महत्वपूर्ण बिन्दु है पंजाब लैंड प्रीजर्वेसन एक्ट में संशोधन कर अरावली को हड़पने का। हरियाणा सरकार ने इस एक्ट में फरवरी में संशोधन किया और एक मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने स्टे ऑर्डर दे दिया, अब सरकार की नीयत PLPA एक्ट में नोटिफ़ाड 130 गाँव के नोटिफिकेशन को खत्म कर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को निष्प्रभावी बनाने में लगा हुआ है। हरियाणा में खट्टर सरकार अरावली पहाड़ियों का निर्मम दोहन कर रही है, मामला चाहे विधानसभा में बैठकर कानून की मदद से अरावली की पहाड़ियों पर अपने साथी बिल्डरों का फार्महाउस बनवाने में मदद करने की बात हो या भूमाफियाओं और खनन माफियाओं के साथ मिल कर अरावली की पहाड़ियों और घने जंगलों को ख़त्म करने की | आज खट्टर सरकार ने अरावली को जिस बदतर स्थिति में लाकर खड़ा कर दिया उसका परिणाम धीरे-धीरे हम सभी के सामने आ रहा है | खाद्य-श्रंखला को बनाने वाले निरीह जंगली जीव तेंदुए आबादी वाले इलाकों में आकर मारे जा रहे हैं | पक्षियों का प्राकृतिक आवास रहीं अरावली की पहाड़ियां में आज पक्षियों की संख्या में 80% से अधिक गिरावट है | ये खट्टर सरकार की असंवेदनशीलता ही कही जाएगी कि आज जंगलों से खाली हो रही अरावली की पहाड़ियों के कारण राज्य में रेगिस्तान बढ़ रहा है, हरियाणा में बारिश में 60 से 70% की कमी आ गयी है और पीने के पानी का संकट जो फरीदाबाद, गुरुग्राम और राज्य के लगभग सभी जिलों में इस तरह सामने आ रहा है कि आने वाले समय में स्थिति और भयावह हो जाएगी |’’

आप सभी विद्जनों के माध्यम से राज्यवासियों की तरफ से खट्टर सरकार को आगाह करते हैं कि अरावली से की जा रही ये क्रूरता हरियाणा के नागरिकों के हित में नही है | जब तक अरावली की पहाड़ियां और अरावली के वन हैं तभी हम सब का जीवन सुरक्षित है | अरावली की पहाड़ियों और जंगलों के लिए मैं सभी हरियाणावासी भाइयों और बहनों का आवाहन करता हूँ कि अरावली की सुरक्षा के लिए पहरेदारी के लिए खड़े हो जाइये | अरावली के खोये गौरव उनके जंगलों को फिर से उगाने के लिए मैं दृढ-प्रतिज्ञ हूँ, इसलिए ‘’अरावली से जीवन’’ मिशन से अरावली को फिर से हरा-भरा करने के लिए तत्पर हूँ | आप सभी सजग नागरिकों के साथ का सहयोग का आभारी रहूँगा, आप सभी ‘’अरावली से जीवन’’ मिशन से जुड़े और अरावली का मान बचाएं और मनोहरलाल खट्टर सरकार को ये बता दें कि अब अरावली से अपनी जेबें भरना बन्द कर दें | अरावली की पहाड़िया जिन राज्यों में है उन सभी राज्य सरकारों को अरावली को बचाने की पहल करनी चाहिए।  अगर हम अरावली को इसके  प्राकृतिक स्वरूप में सुरक्षित रखते हुए, इसे नेशनल पार्क के रूप में विकसित कर पाते है तो यह हमारी पीढ़ी द्वारा आने वाली पीढ़ी के लिए यह सबसे बड़ा उपहार साबित होगा। अभी क्षेत्र की जलवायु इस कदर खराब हो चुकी है कि समय पर वर्षा नहीं होती, असहनीय गर्मी से हालात खराब हो जाता है और ग्राउंड वॉटर लेवल इतना नीचे जा चुका है कि लगता है कुछ वर्षों में ही यह पूरा क्षेत्र जलरहित क्षेत्र बन जाएगा। असंख्य जंतु – जानवरों का प्राकृतिक घर अरावली इस कदर उजड़ चुकी है कि रोज कोई ना कोई जानवर हादसे का शिकार हो मर जाते है या आसपास के गांवों में घुस जाते है। ऐसा लगता है कि ये जानवर मनुष्यों के पास जाकर पूछना चाहते है कि उनका घर कहाँ है