Breaking News देश राज्य होम

अग्रवाल वैश्य समाज लाइव वेबीनार में देश में सकारात्मकता का देगा संदेश

अग्रवाल वैश्य समाज लाइव वेबीनार में देश में सकारात्मकता का देगा संदेश

-देश के दुश्मन चीन व कोरोना पर करें सब फोकस
-आपस में उलझकर अपने आप को ना करें कमजोर

रिपोर्टर योगेश गुरूग्राम India Now24

गुरुग्राम ! अग्रवाल वैश्य समाज आगामी 3 जुलाई को लाइव वेबीनार आयोजित कर रहा है, जिसका विषय रहेगा इंपोर्टेंस ऑफ नेशनल कंसेंसस ऑन नेशनल इश्यूज यानी राष्ट्र के मुद्दों पर आम सहमति का महत्व। इसमें पूर्व सांसद एवं एडिशनल सोलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया सत्य पाल जैन, देश के वरिष्ठ पत्रकार राजकिशोर तिवारी और राजनीतिक विषलेषक अशोक वानखेड़े मुख्य रूप से चर्चा करेंगे।

अग्रवाल वैश्य समाज हरियाणा के अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला का कहना है कि देश की अस्मिता पर जब बात उठती है तो किसी भी दल को सरकार से विमुख नहीं होना चाहिए। इसका फायदा दुश्मन देश को मिल सकता है। दुश्मन देश इसी फिराक में रहते हैं कि भारत को आंतरिक रूप से भी कमजोर किया जाए और बाह्य रूप से भी। ऐसी ताकतों को हम अपनी एकता से परिचित कराकर सबक सिखा सकते हैं। आज समय है देश में एकता दिखाकर दुश्मन को बता देने का कि भारतीयों के खून में भारतीयता बहती है, उन्हें कोई तोड़ नहीं सकता। अशोक बुवानीवाला ने कहा कि अग्रवाल वैश्य समाज हमेशा सर्वसमाज, प्रदेश, देश में अपनी अहम भूमिका निभाता आ रहा है। आगे भी निभाएगा।

अग्रवाल वैश्य समाज के प्रोफेशनल्स विंग के अध्यक्ष एडवोकेट विभोर बंसल का कहना है कि इस नेशनल वेबीनार में देश के मुद्दों को इसलिए रखा गया है, क्योंकि आज देश दो दुश्मनों से जूझ रहा है। एक दुश्मन कोरोना और दूसरा दुश्मन कोरोना का जनक देश चीन। जिस तरह से चीन दोस्ती का हाथ बढ़ाकर दुश्मनी को बढ़ा रहा है, उस लिहाज से वह विश्वास करने लायक नहीं रहा है। इसलिए सरकार इस पर कड़े कदम तो उठाए ही, साथ में देश में विपक्षी पार्टियों को भी विश्वास में ले।

गुरुग्राम अग्रवाल वैश्य समाज गुडग़ांव पार्लियामेंट के अध्यक्ष एवं कार्यक्रम के संयोजक एडवोकेट अभय जैन का कहना है कि आज आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और दुश्मन हमें नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में सरकार सभी को साथ लेकर चले। विपत्ति के समय हम सबको एकता दिखानी चाहिए। अभय जैन का कहना है कि आज लड़ाई भारत वर्सेज चीन और कोरोना है, ना कि हमारी आंतरिक। सरकार इस पर पहल करे। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। गढ़े मुर्दे उखाडऩे की बजाय, देश को विश्वास में लेकर सरकार निर्णय ले, ताकि पीढिय़ों तक इस बात की चर्चा हो कि विपत्ति के समय हमारा भारत देश रूपी कुनबा एक रहा और उस एकता ने ही हर तरह की विपत्ति, बाधा को पार करवाया।